रामपुर कॉलेज में रेशम के उत्पादन को लेकर प्रशिक्षण प्राप्त करते विद्यार्थी। स्रोत : कॉलेज प्रबं
रामपुर कॉलेज में छात्रों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। राजकीय महाविद्यालय रामपुर के भूगोल विभाग में इन दिनों विद्यार्थियों को रेशम उत्पादन और पालन की बारीकियां सिखाने के लिए विशेष शैक्षणिक गतिविधि आयोजित की जा रही है। इस पहल के तहत छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे उनका ज्ञान और कौशल दोनों विकसित हो रहे हैं।
भूगोल विभाग के प्रभारी डॉ. जितेंद्र साहनी 27 मार्च को दत्तनगर से रेशम के कीट लेकर आए थे। इन कीटों का उद्देश्य विद्यार्थियों को रेशम उत्पादन की प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझाना है। कीटों को लाने के बाद से उनकी निरंतर देखभाल की जा रही है। स्नातकोत्तर विद्यार्थियों की टीम कीटों के रखरखाव की जिम्मेदारी निभा रही है। छात्र नियमित रूप से इनके भोजन, तापमान और स्वच्छता का ध्यान रख रहे हैं, ताकि उनका स्वस्थ विकास हो सके। इस गतिविधि से विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिल रहा है, जो उनके भविष्य के कॅरिअर के लिए उपयोगी साबित होगा। प्राचार्य डॉ. पंकज बासोतिया ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों को नई दिशा देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं।