पारंपरिक परिधानों में सजधज कर ग्रामीणों ने पर्व का लिया आनंद
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर(किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में फूलों का मेला यानी फुल्याच पर्व का शुभारंभ हो गया। जिले की रूपी पंचायत से रविवार को इस पर्व की शुरुआत हुई। 20 भादो से जिले के अन्य क्षेत्रों में यह पूर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। रूपी पंचायत के टेरेस नारायण मंदिर से रविवार को फुल्याच पर्व का शुभारंभ हुआ। देवलुओं और ग्रामीणों ने जूगयो उख्यांग हो ले रूपी टेरेस नारायण गाने के साथ पर्व का शुभारंभ किया। पारंपरिक परिधानों में सजधज कर ग्रामीणों ने फुल्याच पर्व का आनंद लिया। पर्व के पहले दिन रूपी के तालो कंडे से भेड़ पालकों ने देर शाम को बेशकीमती फूल ब्रह्मकमल, रतनजोत सहित अन्य फूलों से बनी मालाएं देवता टेरेस नारायण, सुरू टेरेस नारायण और थंबा वीर को पहनाईं।
शिमला जिले के सुरू गांव स्थित सुरू टेरेस नारायण तीन वर्ष बाद इस पर्व में भाग ले रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने कंडों से आए भेड़ पालकों का स्वागत किया और उनका आदर सत्कार किया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों और भेड़पालकों ने खूब नाटी लगाई।
हुरवा गांव में पांच दिन चलेगा पर्व
सोमवार को हुरवा गांव के ब्रेतीदे नामक स्थान से छोटे बच्चे फूल मालाओं के साथ नाचते गाते हुए मेलास्थल पर पहुंचेंगे। उसके बाद यहां मेले का शुभारंभ होगा और दिनभर नाटियों को खूब दौर चलेगा। मंगलवार को तीनों देवता मझगांव के थानंग मंदिर पहुंचेगे और 31 अगस्त तक मझगांव मंदिर में ठहरेंगे। यहां पांच दिन तक यह पर्व चलेगा। एक सितंबर को क्षेत्र से बाहर ब्याही गई जाई-जतियां देवताओं को भेंट अर्पित कर शुभ आशीर्वाद लेंगी और वापस लौटेंगी। उसके बाद 20 भादो से जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में इस पर्व को धूमधाम से मनाया जाएगा। सांगला वैली के किल्बा, सापनी, बटूरी, ब्रुआ, शौंग, चांसू, कामरू, सांगला, बटसेरी, रक्षम और छितकुल सहित अन्य क्षेत्रों में यह पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाता है।
पर्व के आयोजन की तैयारियां पूरीं
टेरेस नारायण मंदिर कमेटी मोहतमीन करतार सिंह नेगी, माथास होशियार सिंह नेगी, माली चनेल सिंह नेगी, पुजारी अरूण नेगी, पूर्व प्रधान रूपी रघुदास नेगी ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी फुल्याच पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। पर्व के आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।