गुच्छों में लगे फलों को भीतर ही भीतर कर रहा नुकसान
मौसम में बदलाव से कीटों को मिला अनुकूल माहौल
नियमित निरीक्षण और प्रभावित फलों को नष्ट करने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। सेब बगीचों में फल छेदक सुंडी (फ्रूट बोरर) का प्रकोप बढ़ गया है। इससे बागवानों की चिंता बढ़ गई है। खासकर जिन बगीचों में इस समय फल गुच्छों में लगे हैं, वहां ये कीट अंदर ही अंदर फलों को नुकसान पहुंचा रहा है।
बागवानों के अनुसार यह कीट रात के समय सक्रिय होकर फलों में छेद कर देता है। इससे फल खराब हो जाते हैं। शुरुआती अवस्था में इसका पता लगाना कठिन होता है और जब तक नुकसान नजर आता है, तब तक फसल का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो चुका होता है।
बागवानों का कहना है कि इस बार मौसम में लगातार बदलाव, कभी अधिक गर्मी तो कभी नमी के कारण कीटों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह समस्या फल छेदक कीट के कारण है। ये गुच्छों के भीतर अंडे देता है। उनसे निकलने वाली सुंडियां सीधे फलों को नुकसान पहुंचाती हैं। समय पर नियंत्रण न होने पर उत्पादन पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
बागवानी विकास अधिकारी यशवंत बागींटा ने बागवानों को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से बगीचों का निरीक्षण करें। प्रभावित फलों को तुरंत तोड़कर नष्ट करें। उन्होंने अनुशंसित कीटनाशकों का निर्धारित मात्रा में छिड़काव करने की भी सलाह दी है, ताकि कीट पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो इस सीजन में सेब की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। उल्लेखनीय है कि विशेषज्ञों ने एक सप्ताह पहले ही इसके फैलने की चेतावनी दी थी।