. दो दिन से चिलानाल जंगल में भड़की आग पर कड़ी मशक्कत से पाया काबू
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. शरारती तत्व नहीं चढ़ रहे वन विभाग के हत्थे, सूखे ने भी बढ़ाई परेशानी राकेश बिनी शर्मा निरमंड (कुल्लू)।
लंबे समय से बारिश-बर्फबारी न होने से सूखे की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में जंगलों में फैल रही आग काफी नुकसान पहुंचा रही है। उपमंडल निरमंड में 15/20 क्षेत्र से लेकर बागा सराहन के जंगलों में आग लगने के कई मामले सामने आ चुके हैं। समूचे क्षेत्र में आग से पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। वन विभाग की ओर से लगाए गए नए पौधे और वन्य जीवों को भी क्षति पहुंच रही है। वीरवार शाम से निरमंड के साथ लगते चिलानाल जंगल में फैली आग पर शुक्रवार दोपहर तक काबू पाया गया। वन मंडल लूहरी के तहत आने वाले निरमंड क्षेत्र में इस वर्ष आग ने भारी तबाही मचाई है। वन विभाग की ओर से किए गए आंकलन के मुताबिक विभाग की सात बीटों में जंगल की आग से करीब 20 लाख की क्षति पहुंची है। बागा सराहन पंचायत से लेकर धारा-सरघा पंचायत तक जंगलों में आग की कई घटनाएं अब तक पेश आ चुकी हैं। वन विभाग की सराहन, ठारला, अरसू, अवेरी, पाली, ब्रौ और किंदला बीट में शरारती तत्वों ने जंगलों को आग के हवाले कर दिया। इस कारण जहां वन संपदा को नुकसान हुआ है, वहीं वन विभाग को भी लाखों की क्षति पहुंची है। बारिश, बर्फबारी न होने से सूखा पड़ा हुआ है। इस कारण जंगल में उगी घास तुरंत आग पकड़ रही है। तेज हवाओं के साथ यह आग समूचे जंगल को अपनी चपेट में ले रही हैं। हैरानी की बात है कि जंगलों को आग के हवाले करने वाले शरारती तत्व वन विभाग के हत्थे नहीं चढ़ रहे। जंगलों में पेश आ रही घटनाओं से वन संपदा और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। क्षेत्र के पहाड़ों में भी जंगलों की आग के कारण धुआं ही धुआं फैला हुआ है।
नए पौधे भी आग की भेंट चढ़ रहे
वन विभाग लूहरी के डीएफओ चमन राव ने बताया कि वनों में लगी आग से अब तक करीब 20 लाख का नुकसान पहुंचा है। जंगलों में वन विभाग की ओर से लगाए जाने वाले नए पौधे भी आग की भेंट चढ़ रहे हैं। वन विभाग शरारती तत्वों पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से वनों को आग से बचाने का आह्वान किया है, ताकि वन संपदा और पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
निरमंड के चिलानाल जंगल में फैली आग को बुझाते वन कर्मी और ग्रामीण। संवाद