मुख्यमंत्री के आश्वासनों के बाद भी बाढ़ प्रभावितों को नहीं मिली राहत
बाढ़ से क्षतिग्रस्त बेली ब्रिज और सड़क का लटका काम
छह माह से लोक निर्माण विभाग के अधीन नहीं कर पाया विद्युत बोर्ड
गानवी खड्ड का बढ़ा जलस्तर तो कट जाएगा तीन पंचायतों का संपर्क
मोहन मेहता
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
गानवी में 31 जुलाई 2024 को बरसात के दौरान आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। बाढ़ की चपेट में तीन पंचायतों को जोड़ने वाला बेली ब्रिज और सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। छह महीने बीत चुके हैं न सड़क बन पाई है और न ही बेली ब्रिज, ग्रामीणों की फरियाद फाइलों में दफ्न होकर रह गई है। अभी तक ग्रामीणों को कोरे आश्वासन ही मिल पाए हैं। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी गानवी खड्ड पर बेली ब्रिज का निर्माण नहीं हुआ। इसके अलावा न ही बेली ब्रिज और सड़क बिजली बोर्ड से लोक निर्माण विभाग के अधीन हुई। राहत कार्यों के लिए 1.57 करोड़ रुपये का एस्टीमेट भी बना, लेकिन सड़क और पुल के निर्माण की फाइल शिमला स्थित लोक निर्माण विभाग और बिजली बोर्ड के दफ्तरों में पड़ी है। गानवी के बाढ़ प्रभावितों को मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि जल्द पुल का निर्माण शुरू करवाया जाएगा, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाने से क्षेत्र की तीन पंचायतों कूट, क्याव और गानवी के ग्रामीण चिंतित हैं। वर्तमान में खड्ड में पानी का बहाव कम होने से लोक निर्माण विभाग ने वाहनों की आवाजाही के लिए अस्थायी व्यवस्था करवाई है, लेकिन अब गर्मी बढ़ते ही खड्ड में पानी का बहाव बढ़ने लग गया है। अब अस्थायी व्यवस्था ठप होने वाली है। इससे कभी भी तीनों पंचायतों का सड़क संपर्क उपमंडल और जिला मुख्यालय से कट सकता है। गानवी खड्ड पर बना बेली ब्रिज जुलाई 2024 में बरसात के दौरान आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे तीन पंचायतों का सड़क संपर्क कट गया था। गानवी खड्ड पर बेली ब्रिज बिजली बोर्ड ने 10 मेगावाट की गानवी स्टेज-2 बिजली परियोजना के लिए बनाया था। साथ ही करीब 700 मीटर सड़क का भी निर्माण किया गया है। इसी पुल और सड़क से क्षेत्र की गानवी, क्याव और कूट पंचायत की सड़कें जुड़ी हुई हैं। बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लोगों को जल्द पुल का निर्माण और सड़क को दुरुस्त करने की घोषणा की थी, लेकिन छह माह बीतने के बाद भी न तो पुल का निर्माण शुरू हुआ और न ही सड़क को दुरुस्त किया गया। अब टूटे पुल का निर्माण अधर में लटक गया है। बिजली बोर्ड और लोक निर्माण विभाग एक-दूसरे की ओर एस्टीमेट की फाइल खिसका रहे हैं। लोक निर्माण विभाग ने नए पुल के निर्माण को लेकर 1.57 करोड़ के बजट का एस्टीमेट बिजली बोर्ड को भेजा, लेकिन बिजली बोर्ड के एमडी ने सचिव लोक निर्माण विभाग को ही एस्टीमेट की फाइल वापस भेज दी है।
बोर्ड और विभाग में सहमति नहीं बन पाई
15/20 विकास सभा के अध्यक्ष मोहन लाल मेहता ने बताया कि गानवी खड्ड में बाढ़ के कारण टूटे बेली ब्रिज को टूटे छह महीने हो गए हैं। पुल के पुन: निर्माण के लिए विकास सभा मुख्यमंत्री से तीन बार मिल चुकी है। उन्होंने जल्द निर्माण का आश्वासन भी दिया, परंतु पुल का निर्माण तो दूर की बात बजट को लेकर लोक निर्माण विभाग और बिजली बोर्ड में अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है कि बजट कौन देगा। पुल का निर्माण बिजली बोर्ड ने करवाया है, जबकि पुल से आगे तीन पंचायतों को जोड़ने वाली सड़कों का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने किया है। सर्दी में अभी तक खड्ड में पानी कम होने से लोग वाहनों को अस्थायी व्यवस्था कर आर-पार कर रहे थे, लेकिन अब गर्मी बढ़ते ही पानी का बहाव बढ़ने लग गया है और यातायात ठप होने वाला है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि क्षेत्र के हजारों लोगों की चिंता को अनदेखा न कर दोनों विभागों में सहमति बनाए और बजट का प्रावधान कर पुल का जल्द पुन: निर्माण किया जाए।
पुल निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग ने जो एस्टीमेट दिया है, उसे उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।
आशुतोष ठाकुर, अधिशासी अभियंता, विद्युत बोर्ड गानवी