प्रभावित परिवारों ने रोते-बिलखते खाली किए अपने मकान
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वैज्ञानिक तरीके से खोदाई न करने का लगाया आरोप संवाद न्यूज एजेंसी रोहड़ू। हाटकोटी–सनैल एनएच-707 को डबल लेन करने के लिए सावड़ा बाजार में खोदाई की जा रही है। इससे पांच परिवारों के घर असुरक्षित हो गए हैं। बुधवार को स्थिति बिगड़ने पर प्रभावित परिवारों ने रोते-बिलखते अपने घर खाली कर दिए। घरों की दीवारों और नींव में गहरी दरारें पड़ने के बाद प्रशासन ने घरों को असुरक्षित बताया है। प्रभावित घरों में रंजीत झोबटा, रामेश्वरी देवी, विरेंद्र गांगटा, विद्यासागर और गोवर्धन ढालटा के आशियाने शामिल हैं। मौके पर पहुंचे लोगों ने प्रभावित परिवारों को ढाढ़स बंधाया। स्थानीय लोग स्थिति को लेकर आक्रोशित भी दिखे और चक्का जाम की तैयारी कर रहे थे। उससे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और घरों की नाप-नपाई शुरू कर दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खोदाई वैज्ञानिक तरीके से नहीं की जा रही है। इस कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। अब प्रभावित परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है, वहीं प्रशासन और एनएचएआई की ओर से राहत और पुनर्वास को लेकर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।
सभी असुरक्षित घरों का आकलन किया जा चुका है और इन्हें डिस्मेंटल किया जाएगा। प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान की पूरी भरपाई की जाएगी। यह घटना जानबूझकर नहीं हुई है, लेकिन इससे सभी को दुख है। नुकसान की हर संभव पूरी भरपाई के प्रयास किए जाएंगे। -अरविंद्र कुमार, एक्सईएन, एनएचएआई ठियोग डिविजन
मौके का कई बार निरीक्षण किया जा चुका है। प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए सरकार की ओर से एनएचएआई को निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी मौके का जायजा ले चुके हैं। सभी असुरक्षित घरों से लोगों को बाहर निकलवा दिया गया है। गुरमीत नेगी, एसडीएम जुब्बल
सावड़ा में खतरे की जद में आए असुरक्षित घोषित बहुमंजिला घर
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