रोहड़ू के बागी गांव में शुक्रवार रात भड़की अाग।
रोहड़ू। उपमंडल रोहड़ू के बागी गांव में शुक्रवार शाम से पहले खूब रौनक थी। अग्निकांड ने ऐसे जख्म दिए कि अब राख के ढेर और ग्रामीणों की आंखों में आंसुओं का मंजर है। अग्निकांड में एक दर्जन से अधिक परिवारों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। सर्द मौसम में आशियाने जल जाने के बाद प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रातें गुजारने को मजबूर हो गए हैं।
जीवन भर की सारी पूंजी आंखों के सामने राख होते देख ग्रामीण रात भर रोते बिलखते रहे। जिस गांव में कभी रौनक हुआ करती थी, आज वहां राख के ढेर के अलावा कुछ नजर नहीं आ रहा है। सिर से छत छिन जाने के बाद अब प्रभावितों को सर्दियों की चिंता भी सताने लगी है। गांव में ही किसी मकान से फैली आग ने करीब दस घरों को अपनी चपेट में ले लिया। शुक्रवार देर रात तक आग गांव में आग कहर बरपा चुकी थी। प्रभावित परिवार आग की तेज लपटों में कुछ भी नहीं बचा सके। तबाही के इस मंजर को प्रभावित परिवार नम आंखों से देखते रहे, जिसे शायद वे ताउम्र नहीं भूला पाएंगे। प्रभावित परिवारों को प्रशासन ने फौरी राहत सहित रहने के लिए तिरपाल तो दे दीं लेकिन सर्दियों के ठंड में बिना अपने आशियानों के रह पाना प्रभावितों के लिए भी आसान नहीं होगा।