रिकांगपिओ (किन्नौर)। आंखों के सामने जीवन भर की जमा पूंजी जलती रही और चार परिवारों के सदस्य आग के तांडव के आगे बेबस दिखे। शुक्रवार को पूर्वणी गांव के 10 घरों में लगी आग पर काबू पाना काफी कठिन हो गया था। काष्ठकुणी शैली से बने मकानों में भड़की आग ने देखते ही देखते भयावह रूप धारण कर लिया था। अग्निकांड से चार परिवार बेघर हो गए हैं। सर्दियों की सर्द रातें अब कैसे कटेंगी, यह सोचकर प्रभावित परिवार गमगीन है।
शुक्रवार दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे अचानक पूर्वणी गांव के 10 घर आग की जद में आ गए। देखते ही देखते आग इतनी भड़क गई कि ग्रामीण दहशत में आ गए। ग्रामीणों ने सूझबूझ और हिम्मत का परिचय देते हुए सेब पर दवा छिड़कने वाले स्प्रे पंप उठाए और आग पर काबू पाने में जुट गए। ग्रामीण के साहस से ही आग को फैलने से बचाया गया, नहीं तो यह आग साथ लगते कई मकानों को अपनी चपेट में ले लेती। आग से दहक रहे घरों को देखकर पनमा लाल नेगी, प्रेमवती नेगी, रोशन लाल और धर्म सिंह नेगी के परिवार के सदस्य फूट-फूट कर रोते रहे। इन परिवारों की जीवन भर की पूंजी आंखों के सामने राख के ढेर में तबदील हो गई। जमा पूंजी सहित इन परिवारों ने छह माह का राशन भी स्टॉक कर रखा था जो आग की भेंट चढ़ गया है। एकसाथ 10 घरों में फैली आग पर काबू पाना नामुमकिन सा साबित हो रहा था। वहीं, सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग, सेना और आईटीबीपी के जवानों ने मुश्तैदी दिखाते हुए राहत कार्यों को अंजाम दिया और ग्रामीणों के सहयोग से आग को फैलने से रोका गया। एसडीएम डॉ. अवनिंद्र कुमार ने बताया कि प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है। प्रभावित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।