संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग के निकट देवरीघाट पंचायत के जोधपुर में सोमवार को मेले में ठोडा दल रजाना और फगाना के बीच खूब तीर चले। क्षेत्र के लोगों ने ठोडा खेल का दिनभर खूब आनंद लिया।
रविवार को ऋषि पंचमी मेले का आयोजन हुआ। इसमें हिमाचल के अलावा उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए कई नामी पहलवानों ने कुश्ती में दमखम दिखाया। हरियाणा के प्रशांत ने रविवार देर शाम तक तक चले मुकाबले में माली जीती। विजेता पहलवान प्रशांत को मेला कमेटी ने एक लाख की राशि देकर सम्मानित किया।
देवता चिखड़ेश्वर और देवता जदराई से जुड़े इस प्राचीन मेले में प्रदेश पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने देव संस्कृति से जुड़े इस मेले पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और स्थानीय देवी-देवताओं को नमन किया। उन्होंने निगम की ओर से देवरीघाट पंचायत को पांच लाख और मेला कमेटी को अपनी ओर से एक लाख रुपये देने की घोषणा की। मेला कमेटी की ओर से पूर्व बीडीसी मेंबर, बालकृष्ण बाली, राजेंद्र प्रकाश और पंचायत प्रतिनिधियों ने मुख्यातिथि को लोईया, गदा और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
ठियोग में बनी पहली जनतांत्रिक सरकार के प्रधानमंत्री दिवंगत सूरतराम प्रकाश के पुत्र राजेंद्र प्रकाश ने ठियोग की स्वतंत्रता इतिहास बताते हुए कहा कि ठियोग रियासत 14 अगस्त 1947 को आजाद होने वाली देश की पहली रियासत बनी थी। इसमें प्रजामंडल का योगदान रहा था। एक प्रधानमंत्री और छह मंत्री बनाए गए थे। ठियोग रियासत के ठाकुर ने सत्ता प्रजामंडल को सौंप दी। इस साल यह मेला तीन दिन तक चलेगा। सोमवार से दो दिवसीय ठोडा मेला जोधपुर की जुबड़ी में शुरू हुआ, जिसमें रजाना और फगाना के ठोडा दलों ने तीर कमान का प्रदर्शन किया। मेले में देवताओं का आगमन हुआ। इस दौरान हजारों की संख्या में उपस्थित परगना खगालद, जैस और नेउल के अलावा मेले में आए अतिथियों को देवताओं ने आशीर्वाद दिया। परंपरा के अनुसार कलेनो ने देवता को चढ़ावा चढ़ाया। उधर, ऋषि पंचमी के अवसर पर पट्रोग, चेयड सहित विभिन्न देव स्थलों पर जागरण आयोजित हुए।
देवरीघाट पंचायत के जोधपुर में आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करते मुख्यातिथि प्रद