फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahar News: खेगसू सेब मंडी में हर साल होता है करोड़ों का कारोबार

विज्ञापन
खेगसू मंडी में हर वर्ष होता है करोड़ों रुपये का कारोबार। संवाद
विज्ञापन
आठ लाख सेब की पेटियां पहुंचती हैं खेगसू मंडी
विज्ञापन

खेगसू के लोगों की आर्थिकी हो रही है मजबूत
खेगसू में पहले होती थी एक दो दुकानें, आज बन गई करोड़ों के कारोबार देने वाली जगह
हितेश भारती
नित्थर (कुल्लू )। खेगसू सेब मंडी में हर साल करोड़ों का कारोबार होता है। खेगसू स्थान माता कसुंबा भवानी मंदिर और खेगसू फल एवं सब्जी मंडी के नाम से जाना जाता है। यहां खेगसू फल मंडी वर्ष 2008 में शुरू हुई। इसका उद्घाटन 25 जुलाई, 2009 को आनी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक ईश्वर दास ने किया था। आज खेगसू क्षेत्र के किसानों-बागवानों को करोड़ों का कारोबार दे रहा है। इससे स्थानीय लोगों की आर्थिकी हो रही है। हर साल यहां सात से आठ लाख सेब की पेटियां बेची जाती हैंl सेब सीजन में बागवानों को पहले अपनी फसल बेचने के लिए नारकंडा, शिमला, चंडीगढ़ और दिल्ली जाना पड़ता था। बाहरी मंडियों में पैसे डूबने का भी खतरा बना रहता है। आज इस मंडी में शिमला, किनौर, मंडी और स्थानीय क्षेत्रों आनी, नित्थर, निरमंड से बागवान अपने सेब बेचने आते हैं l नित्थर क्षेत्र के पलेही क्षेत्र के बागवान चेतन चौहान का कहना है कि इस मंडी का विस्तारीकरण होना बेहद आवश्यक है। एपीएमसी की अपनी जमीन भी है। बागवानों, व्यापारियों की सुविधा के लिए और प्लेटफॉर्म बनना बेहद आवश्यक है। सीए स्टोर का निर्माण भी बेहद आवश्यक है। इससे किसानों-बागवानों समेत व्यापारियों को अपना सेब सस्ते दामों में स्टोर करके काफी फायदा मिलेगा और जब मंडी में सेब के दाम अच्छे होंगे, उस समय अपना सेब बेच सकेंगे l
विज्ञापन

खेगसू फल मंडी कई तरह की समस्याओं से जूझ रही है। दिन में सैकड़ों लोगों का आना-जाना रहता है। अव्यवस्था के चलते बागवान, कारोबारी और लदानी परेशान होते हैं। सबसे बड़ी समस्या यहां पर सार्वजनिक शौचालय का न होना है। यहां शौचालय बना तो था, लेकिन जगह के बैठ जाने के कारण उसे बंद कर दिया गया। एपीएमसी ने नए शौचालय के निर्माण के लिए टेंडर लगाया था, लेकिन किसी ने भरा नहीं और सड़क मार्ग बेहद तंग है। इसका विस्तारीकरण करना बेहद आवश्यक है। बड़े-बड़े ट्राले लूहरी से खेगसू के बीच में फंस रहे हैं, जबकि कुछ दिन पहले एसडीएम आनी लक्ष्मण ने भी मंडी का दौरा किया था l सेब व्यापारी शॉप नंबर 6 के मालिक राकेश वर्मा का कहना है कि इस सेब मंडी ने स्थानीय लोगों की आर्थिकी को मजबूत किया है। 15 साल पहले सिर्फ दो चार दुकानें थीं। आज खेगसू में बहुमंजिला भवन बन चुके हैं, फिर चाहे होटल हो, ढाबे हो और राशन की दुकानें हो। संवाद

खेगसू मंडी में हर वर्ष होता है करोड़ों रुपये का कारोबार। संवाद

खेगसू मंडी में हर वर्ष होता है करोड़ों रुपये का कारोबार। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें