रामपुर बुशहर। विद्युत बोर्ड की तर्ज पर रामपुर नगर परिषद क्षेत्र में सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग डिजिटल मीटर लगाने जा रहा है। इस योजना के तहत नगर परिषद के सात वार्डों में ये प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। डिजिटल मीटरों के माध्यम से विभाग शहरी क्षेत्र में होने वाली पेयजल की खपत पर भी नजर रखेगा।
योजना के तहत रामपुर नप के सात वार्डों में लगे करीब पांच हजार पेयजल कनेक्शनों में डिजिटल मीटर स्थापित किए जाने हैं। इनमें घरेलू और व्यावसायिक दोनों कनेक्शन शामिल होंगे। हालांकि इसके एवज में विभाग उपभोक्ताओं से कोई चार्ज नहीं वसूलेगा, जबकि तय नियमों के मुताबिक पेयजल उपभोक्ताओं को अपने खर्चे पर ही मीटर लगाने पड़ते हैं।
प्रथम चरण में आईपीएच विभाग स्वयं इन मीटरों को लगाएगा। वर्तमान समय में एनालॉग मीटरों के माध्यम से पेयजल खपत के आंकड़े जुटाए जाते हैं, जबकि इन मीटरों में पेयजल खपत के आंकड़े पूरी तरह से रिकॉर्ड नहीं हो पाते, जबकि डिजिटल मीटरों में पेयजल खपत की जानकारी पूरी तरह से सही होगी। रामपुर शहर में नोगली और समेज खड्ड से बनी योजनाओं से पेयजल मुहैया करवाया जा रहा है। शहर में व्यावसायिक और घरेलू कनेक्शनों की संख्या पांच हजार के करीब है और आईपीएच विभाग पेयजल आपूर्ति का 50 प्रतिशत बिल सीवरेज प्रणाली का उपभोक्ताओं से वसूलता है। डिजिटल मीटर लगने के बाद शहर में हो रही पेयजल खपत पर भी विभाग की नजर रहेगी और शहर में खर्च होने वाले पानी का भी विभाग सही हिसाब रख पाएगा।
वहीं इस संबंध में आईपीएच विभाग रामपुर के एसडीओ किशोर शर्मा के अनुसार नगर परिषद के सात वार्डों में डिजिटल मीटर लगाने की योजना है। इसके लिए प्रपोजल तैयार कर विभाग के अधिकारियों को मंजूरी के लिए भेज दी गई है। मंजूरी मिलते ही सात वार्डों में डिजिटल मीटर लगाए जाएंगे। इस कवायद से शहर में खर्च होने वाले पेयजल का भी विभाग सही आंकड़ा एकत्रित कर पाएगा और पेयजल बर्बादी पर भी इन मीटरों के लगने से रोक लगाई जा सकेगी।