संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू) । चौपाल उपमंडल के तीनों डिवीजन में स्टाफ की भारी कमी के चलते बिजली बोर्ड के लिए समय पर बिजली बहाल करना चुनौती बन गया है। विद्युत मंडल चौपाल के तहत कार्यालय स्टाफ, जेई और फील्ड स्टाफ के कुल 40 फीसदी पद इस समय खाली हैं। खराब मौसम में बिजली गुल होने के बाद इस क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है। जानकारी के अनुसार, चौपाल में पांच, नेरवा में एक और कुपवी में एक कनिष्ठ अभियंता का पद खाली है। मंडलीय कार्यालय में वरिष्ठ सहायक का एक, कनिष्ठ कार्यालय सहायक (जेओए) आईटी के तीन में से तीन, उपमंडल कार्यालय चौपाल में तीन, नेरवा में पांच में से चार और कुपवी में भी दोनों पद जेओए के खाली हैं। मंडलीय कार्यालय की ड्राइंग ब्रांच पूरी खाली पड़ी है। इस ब्रांच में हेड ड्राफ्ट मैन (मुख्य प्रारूपकार) और सहायक प्रारूपकार के सभी पद खाली होने से नई योजनाओं के एस्टीमेट नहीं बन रहे हैं। लेखाकार ब्रांच में वरिष्ठ सहायक एक, मंडलीय कार्यालय में कनिष्ठ कार्यालय सहायक लेखा के दो में से दो, चौपाल उप मंडलीय कार्यालय में स्वीकृत एक, नेरवा में एक और कुपवी में एक पद खाली है।
इसके अलावा चौपाल में स्टोर कीपर का एक और सहायक स्टोर कीपर के दोनों तथा नेरवा में कंप्यूटर ऑपरेटर का स्वीकृत एकमात्र पद खाली है। फील्ड स्टाफ की बात की जाए, तो नेरवा में इलेिक्ट्रशियन का स्वीकृत पद, एसएसए के दो में से एक, कुपवी में एक, फोरमैन के चौपाल में दोनों, नेरवा में दो में से एक और कुपवी में स्वीकृत एक पद, लाइनमैन के चौपाल में दस में से छह, नेरवा में 12 में से सात, कुपवी में सहायक लाइनमैन के चौपाल में नौ में से एक, नेरवा में 12 में पांच और कुपवी में छह में से चार, टीमेट के चौपाल में 15 में से तीन पद खाली हैं। नेरवा में 19 में से सात एवं कुपवी में नौ में से एक,चौपाल डिवीजन में चालक के दोनों पद खाली हैं। तीनों विद्युत मंडलों में चौपाल में दस, नेरवा में नौ और कुपवी में 13 आउटसोर्स फील्ड कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। बहरहाल, विद्युत मंडल चौपाल में 40 फीसदी स्टाफ की कमी से जहां कार्यालयों के कार्य बाधित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार बिजली बाधित होना आम बात हो गई है।
खाली पदों की सूची सरकार को भेजी गई है। अभी आउटसोर्स के तहत काम चलाया जा रहा है। बोर्ड कम स्टाफ के बाद उपभोक्ताओं को उचित सेवा देने का प्रयास कर रहा है।
- गवर्धन दिल्टा, अधिशासी अभियंता, बिजली बोर्ड चौपाल