चौपाल उपमंडल मुख्यालय के समीप काटे गए देवदार के पेड़ के तने जलाने के प्रयास।
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चौपाल में आठ देवदारों के पेड़ों पर आरी चली है। वन विभाग मुख्यालय चौपाल से पांच किलोमीटर दूर रियूणी के पास घने जंगल के बीच देवदार के हरे पेड़ बुधवार रात को काट दिए गए। मौके से आठ कटे हुए पेड़ और 30 स्लीपर बरामद हुए हैं। यह पेड़ किसने काटे हैं, इसका पता नहीं चल सका है। पुलिस की टीम चौपाल के एसएचओ अंबी लाल के नेतृत्व में बुधवार रात को चौपाल से खिड़की के बीच गश्त पर थी।
इसी दौरान जंगल में पेड़ काटने की आवाजें सुनाई दीं। जब पुलिस की टीम मौके की ओर बढ़ी तो वनकाटू अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो गए। पुलिस ने वीरवार सुबह सूचना वन विभाग को दी। इसके बाद वन विभाग हरकत में आया। विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर कार्रवाई शुरू कर की। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जंगल में काफी एरिया में हरे पेड़ काटे गए हैं। इससे यह माना जा रहा है कि यह अवैध काम एक या दो दिन से नहीं, बल्कि कई दिनों से अंजाम दिया जा रहा था।
यही नहीं देवदार के स्पीपरों को सड़क तक पहुंचाने के लिए एक खाईनुमा रास्ता भी बनाया गया है, जिसके माध्यम से बड़ी आसानी से स्लीपर सड़क तक पहुंचाए जाने थे। इस अवैध कार्य में कितने लोग शामिल थे। इन पेड़ों को कटान किस मकसद से किया गया है। इसकी छानबीन जारी है।
वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है। जिस क्षेत्र में अवैध कटान हुआ है, उसकी पैमाइश की जा रही है। पुलिस की मदद से जल्द आरोपियों तक पहुंचा जाएगा। आठ पेड़ काटे गए हैं, इनके करीब 30 स्लीपर बनाए गए हैं। -
जंगवीर सिंह दुल्टा, डीएफओ चौपाल