रोहड़ू कॉलेज में आयोजित सात दिवसीय कार्यक्रम में मौजूद मुख्यातिथि और अन्य। स्रोत : कॉलेज प्रबंध
राजकीय महाविद्यालय सीमा में सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू
कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और संभावित चुनौतियों को लेकर हुई चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। राजा वीरभद्र सिंह राजकीय महाविद्यालय सीमा में शुक्रवार को फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफ डीपी) का आगाज हुआ। यह सात दिवसीय कार्यक्रम 24 से 30 अप्रैल तक हाइब्रिड मोड में संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने बतौर मुख्यातिथि मौजूद होकर किया।
कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने (नैक) बाइनरी एक्रेडिटेशन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार और नई शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन अनिवार्य है। प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में शिक्षण संस्थानों को नवाचार की ओर कदम बढ़ाना होगा। कार्यक्रम के प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के डीन ऑफ स्टडीज प्रो. बीके शिवराम रहे। उन्होंने एनईपी-2020 के विभिन्न आयामों पर व्याख्यान देते हुए इसके व्यावहारिक क्रियान्वयन और भविष्य में आने वाली संभावित चुनौतियों से उपस्थित शिक्षकों को अवगत कराया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रेम प्रकाश चौहान ने भी अपने विचार साझा किए।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षण संस्थानों को केवल शैक्षणिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि नवाचार और उत्कृष्टता की दिशा में भी सशक्त बनाएगी। नैक बाइनरी एक्रेडिटेशन संस्थानों की जवाबदेही तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस सात दिवसीय कार्यशाला का लक्ष्य शिक्षकों को बाइनरी आधारित एक्रेडिटेशन फ्रेमवर्क, क्वालिटी एश्योरेंस और आउटकम बेस्ड एजुकेशन के प्रति जागरूक करना है। इसके माध्यम से शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के गुर सिखाए जाएंगे। कार्यक्रम के अंत में आई क्यूएसी समन्वयक डॉ. अनिल चौहान ने मुख्य अतिथि, वक्ताओं और अन्य कॉलेजों से आए प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक और विभिन्न क्लस्टर कॉलेजों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।