एनएच 305 में जलोड़ी जोत अभी भी बाधित, 15 से 20 क्षेत्रों का कटा संपर्क
-एक सप्ताह बाद शिमला के लिए वाया नारकंडा दौड़े वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। ऊपरी शिमला से सटे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के बाद जीवन अस्त-व्यस्त बना हुआ है। ऊपरी हिमाचल में बर्फबारी के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त बना हुआ है। किन्नौर, रामपुर और आनी उपमंडल के अधिकांश ग्रामीण रूट बर्फबारी से अभी भी अवरूद्ध हैं। इस कारण हजारों लोगों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किन्नौर की सात सड़कें मंगलवार को भी आवाजाही के लिए बंद रही। इसमें आसरंग, हांगो, कुन्नोचारंग, नेसंग, रोघी, यांगपा और छितकुल सडक़ बर्फबारी से बाधित पड़ी हैं। एक सप्ताह किन्नौर और रामपुर से शिमला के लिए वाया नारकंडा होते हुए वाहनों के आवाजाही शुरू हो पाई।
वहीं जलोड़ी जोत में बर्फबारी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 305 सात दिन बाद भी यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाया है जिससे हजारों लोगों का संपर्क जिला मुख्यालय कुल्लू से कटा हुआ है। रोहड़ू की ओर सड़क सुंगरी में बहाल नहीं हो पाई है। रामपुर उपमंडल के 14 ग्रामीण रूट अभी भी ठप पड़े हैं और एक दर्जन रूटों पर संभावित स्थानों तक निगम की बसों को भेजा जा रहा है। रामपुर डिपो की चार बसें बर्फबारी के कारण फंसी हुई हैं। वहीं आनी उपमंडल के भी अधिकांश ग्रामीण रूटों पर संभावित स्थानों तक ही बसों की आवाजाही हो रही है। हजारों की आबादी आवाजाही करने में परेशानियां झेल रही हैं।
परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक पीयूष शर्मा ने बताया कि मंगलवार को सात सड़कों पर फिसलन के चलते को नहीं भेजा गया। अन्य ग्रामीण रूटों पर निगम की बसें चल रही हैं। वहीं परिवहन निगम रामपुर डिपो के अड्डा प्रभारी स्वरूप दिवान ने बताया कि रामपुर के 14 ग्रामीण रूट अभी भी पूरी तरह से ठप पड़े हैं, जबकि कई ग्रामीण रूटों पर संभावित स्थानों तक बसों को भेजा जा रहा है।