रात के अंधेरे में नालों और सड़क किनारे ठिकाने लगाया जा रहा कचरा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर स्वच्छता के बड़े-बड़े दावे तो करता है, लेकिन हकीकत में दावे खोखले साबित हो रहे हैं। नगर परिषद के वार्डों में स्वच्छता के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को ताक में रखकर रामपुर के नालों और सड़क किनारे खुले में कचरे को ठिकाने लगाया जा रहा है। इस कारण पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है और बीमारियां फैलने का भी अंदेशा बना हुआ है। रामपुर शहर में नगर परिषद ने डोर-टू-डोर गारबेेज कलेक्शन की योजना चलाई है। लोगों से घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा किया जाता है। इसके बावजूद कुछ लोग खुले में कचरा ठिकाने लगा रहे हैं। इस कारण क्षेत्र में गंदगी बढ़ती जा रही है। नगर परिषद रामपुर ने कई बार स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक भी किया, लेकिन इसका कोई भी असर नहीं हुआ। इन दिनों रामपुर उपमंडल के नगर परिषद के वार्ड नंबर-आठ ऊपरी डकोलढ़ में लोग सड़क किनारे कचरा ठिकाने लगा रहे हैं, जिससे रास्ते में गंदगी का आलम बना हुआ है और बदबू से लोग परेशानी झेल रहे हैं। इस बारे में मीरा, हीरा लाल, राम कुमार, राधिका, सुलोचना, आशा, चांद और तारा चंद सहित अन्य लोगों ने कहा कि कई लोग खुले में कचरा फेंक रहे हैं। इस कारण पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है और संक्रमण का भी खतरा बना हुआ है। पैदल चलने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह बदबू का आलम बना हुआ है। उन्होंने नगर परिषद से कचरा हटाने की मांग उठाई है।
कचरा फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोग शहर में स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग दें।
- बीआर नेगी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद रामपुर
2017 में शुरू की थी योजना
रामपुर उपमंडल में 2017 में स्वच्छता अभियान के तहत डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत लोगों से 50 रुपये हर महीने लिए जाते हैं, लेकिन डोर-टू-डोर कलेक्शन योजना की सुविधा मिलने के बाद भी लोग नालों, नदी और सड़क किनारे खुले में कचरा फेंक रहे हैं।