पार्षदों ने लगाया आरोप- कार्य शुरू न होने से नगर परिषद के विकास को कैसे मिलेगी गति
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समय पर शुरू नहीं करते कार्य तो वापस लेंगे काम : नगर परिषद
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर में विकास कार्य धीमी गति से चल रहे हैं। नगर परिषद के पार्षदों ने इसका सीधा जिम्मेवार संबंधित ठेकेदारों को ठहराया है। पार्षदों का आरोप है कि जब एक ही ठेकेदार के पास चार-चार कार्य हैं, तो विकास कार्यों का समय पर पूरा होना कैसे संभव है। वहीं, नगर परिषद ने कहा है कि कार्य में लेटलतीफी बरतने वाले ठेकेदार से कार्य वापस लिए जाएंगे। नगर परिषद ने इस बारे में प्रस्ताव भी पारित किया है। इसमें एक ठेकेदार को दो से अधिक कार्य न देने पर सहमति बनी थी, लेकिन ऐसा न होकर एक ही ठेकेदार के पास चार-चार विकास कार्य हैं। इस कारण कई विकास कार्य एक से दो माह से लटके हुए हैं, जिससे वार्डों की जनता की समस्याएं बरकरार हैं। नगर परिषद रामपुर में प्राकृतिक आपदा के कारण करोड़ों की क्षति पहुंची थी। आपदा से क्षतिग्रस्त रास्ते, डंगों सहित अन्य विकास कार्यों को बजट की पूरी व्यवस्था होने के बाद भी गति नहीं मिल पा रही है। बीते दिनों बैठक में नगर परिषद के सभी पार्षदों ने एक स्वर में इसका विरोध जताया और कहा कि एक ठेकेदार को दो से अधिक कार्य न दिए जाएं। पार्षद रोहिताश्व सिंह मेहता, गोविंद राम, कांता देवी सहित अन्य ने कहा कि नगर परिषद का कार्यकाल कुछ ही माह का बच गया है और वार्डों के कई विकास कार्य ठंडे बस्ते में पड़े हैं। नगर परिषद ने टेंडर लगाकर कार्य आवंटित कर दिए हैं। इसके बावजूद कार्य शुरू नहीं हो पा रहे। इसके लिए संबंधित ठेकेदार जिम्मेवार है। जब एक ही ठेकेदार चार-चार कार्य लेकर बैठेगा, तो कार्य समय पर कैसे पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि वार्डों की जनता पार्षदों से सवाल कर रही है कि कार्य कब शुरू होंगे। ठेकेदारों की नाकामियों का खामियाजा वार्ड के पार्षदों और जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में ठेकेदारों के आयोजित बैठक के बाद भी विकास की रफ्तार जोर नहीं पकड़ रही। उन्होंने नगर परिषद के पूर्व में लिए गए फैसले के अनुसार एक ठेकेदार को दो से अधिक कार्य न देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने नप के अगली बैठक में विकास कार्यों का ब्योरा भी रखने को कहा है।
कार्य में लेटलतीफी बरतने वाले ठेकेदार से कार्य वापस लिए जाएंगे। नगर परिषद की बैठक में एक ठेकेदार को दो से अधिक कार्य न देने पर सहमति बनी है, लेकिन ऑनलाइन टेंडर के कारण इन ठेकेदारों ने चार चार कार्य ले लिए हैं। अब प्रस्ताव पारित किया जा रहा है, जिसमें एक ठेकेदार को दो से अधिक कार्य नहीं दिए जाएंगे। - बीआर नेगी, कार्यकारी अधिकारी,नगर परिषद