बुशहर स्वस्तिक चेरिटेबल सोसायटी रामपुर में प्रैसवार्ता करते हुए। संवाद
बुशहर स्वस्तिक चेरिटेबल सोसायटी पंचायत स्तर पर ग्रामीणों और युवाओं को करेगी जागरूक
ट्रेकिंग और पर्यटन स्थलों में गतिविधियां बढ़ाने का कार्य करेगी सोसायटी : पवन चौहान
ज्यूरी वाया फांचा श्रीखंड महादेव यात्रा शुरू करने की लड़ाई भी लड़ेगी सोसायटी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। शिमला, कुल्लू और मनाली की तरह रामपुर उपमंडल में भी कई दार्शनिक और मनमोहक स्थल हैं, जो अब तक ट्रेकिंग और पर्यटन के दृष्टिगत विकसित नहीं हो पाए हैं। बुशहर स्वस्तिक चेरिटेबल सोसायटी इन पर्यटन और ट्रेकिंग स्थलों में पर्यटन गतिविधियां शुरू करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। इसके लिए सरकार और निजी क्षेत्र से मदद ली जाएगी। क्षेत्र में पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के साथ साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उन्हें पर्यटन के जरीए आय सृजित करने बारे भी प्रशिक्षित किया जाएगा। यह बात रामपुर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान बुशहर स्वस्तिक चेरिटेबल सोसायटी के अध्यक्ष पवन चौहान ने कही। चौहान ने कहा कि रामपुर के कई पर्यटन स्थल आज भी पर्यटन मानचित्र से अछूते हैं। रामपुर उपमंडल के मोराल डंडा का ट्रेक काफी मनोरम है, जबकि श्राईकोटी भी एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है। इन स्थलों पर पर्यटन के दृष्टिगत न तो अहम सुविधाएं हैं, न होटल और न ही कोई होमस्टे है। ऐसे में इन पर्यटन स्थलों को कैसे विकसित किया जाए, इसे लेकर सोसायटी कार्य कर रही है। रामपुर के ज्यूरी से वाया फांचा श्रीखंड महादेव यात्रा बंद करवाई गई है, उसे शुरू करवाना भी सोसायटी का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि रामपुर की सभी पंचायतों में सेमीनार लगाकर ग्रामीणों और युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही उन्हें पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए होटल, होमस्टे सहित अन्य स्थानीय उत्पादों को पर्यटकों के लिए मुहैया करवाने बारे प्रशिक्षित किया जाएगा। सोसायटी नरैण पंचायत से लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू करेगी और पंचायत वार सेमीनार आयोजित कर लोगों को पर्यटन गतिविधियां शुरू करने के लिए आवश्यक जरूरतों और योजनाओं से अवगत कराया जाएगा। इसके बाद बाहली, तकलेच, देवठी, दरकाली, मुनिश सहित सभी पंचायतों में जाकर लोगों खासकर युवाओं को पर्यटन और ट्रेकिंग गतिविधियों से अवगत करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन और ट्रेकिंग गतिविधियों के लिए बुनियादी ढांचे का होना जरूारी है, जिसके लिए सडक़ें, होटल, होमस्टे, मंदिर, ट्रेक के रास्तों का दुरूस्त होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को लेकर अभी ग्रामीण इलाकों के लोगों को अधिक ज्ञान नहीं है। इस कारण उन्हें इसके लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों को शुरू करने के लिए सरकार की भूमिका अहम है। इस संबंध में स्थानीय विधायक नंद लाल, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और पर्यटन विकास निगम उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली से भी उचित सहयोग मांगा जाएगा। साथ ही उन्होंने सरकार से बुशहर के युवाओं को साहसिक खेलों और पर्यटन गतिविधियों का प्रशिक्षण दिलाने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि यदि इन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां शुरू होती है तो लोगों को घरद्वार पर ही आय के साधन उपलब्ध होंगे और उन्हें रोजगार का बेहतर अवसर प्राप्त होगा। इस मौके पर पंचायत प्रधान अजय राणा, संजू कायथ, सुदामा शर्मा, नीतिश भंडारी, सुशोभित कायथ सहित अन्य मौजूद रहे।