पूह(किन्नौर)। उपायुक्त किन्न्नौर हेमराज बैरवा ने शुक्रवार को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शिपकिला का दौरा कर वहां स्थित सेना और भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवानों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने जवानों के शौर्य और साहस की सराहना की।
इस अवसर पर जवानों से कहा कि जिला प्रशासन उन्हें हर तरह की सहायता उपलब्ध करवाने के प्रति वचनबद्ध है। सेना और जिला प्रशासन का हर स्तर पर संवाद होता रहना चाहिए।
जवानों से कहा कि वे देश के विभिन्न राज्यों से यहां हजारों किलोमीटर दूर देश के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में प्रशासन का यह दायित्व बनता है कि उनकी निजी और अन्य समस्याओं के निदान के लिए तत्पर रहे।
जवानों से कहा कि यदि उनके निजी घर और जमीन से जुड़ी कोई भी समस्याएं हो तो वे सीधे तौर पर उनसे संपर्क कर सकते हैं, ताकि संबंधित जिला प्रशासन के समक्ष उनकी समस्या को रखा जा सके और शीघ्र निपटारा सुनिश्चित हो सके। इससे उनकी समस्याओं का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित हो सकेगा। इस अवसर पर मद्रास रेजिमेंट के मेजर रोहित कुमार आहूजा भी उपस्थित थे।
उपायुक्त ने ग्राम पंचायत नामज्ञया का भी दौरा किया। उन्होंने इस अवसर पर युवाओं का आह्वान किया कि वे पर्यटन को स्वरोजगार के रूप में अपनाने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
युवा यदि पर्यटन व्यवसाय को अपनाता है तो जहां उसे स्वरोजगार मिलेगा, वहीं अन्य युवाओं को भी रोजगार प्रदार करने में सहायक सिद्ध होगा। उपायुक्त ने 6 माह से तीन वर्ष की आयु वर्ग के शिशुओं को पारंपरिक व्यंजन सत्तु, दूध, घी, चूली का तेल इत्यादि आहार के रूप में देने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि हमारे पारंपरिक आहार पौष्टिक हैं, जो बच्चों के सम्पूर्ण शारीरक व मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला प्रशासन ने एक प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा है, जिसमें जिले में आंगनबाड़ी में बच्चों को स्थानीय आहार, सत्तु, घी और चूली का तेल से बने आहार देने का प्रस्ताव किया है।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत के नव निर्वाचित सदस्यों और महिला मंडल के सदस्यों उनके साथ आए अन्य गणमान्य व्यक्तियों का पारंपरिक ढंग से स्वागत किया। पंचायत प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को ग्राम पंचायत की विभिन्न समस्याओं के बारे में भी अवगत करवाया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पूह अश्वनी कुमार, खंड विकास अधिकारी पूह विजय कांत नेगी भी उपस्थित थे।