एबीवीपी ने बस अड्डे से कॉलेज तक सुरक्षित पैदल रास्ता बनाने और जर्जर ओल्ड ब्लॉक की मरम्मत करवाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। शिंगला स्थित संस्कृत महाविद्यालय को दोबारा शुरू करने, रामपुर बस अड्डे से महाविद्यालय तक सुरक्षित पैदल रास्ते का निर्माण करने और कॉलेज परिसर में स्थित जर्जर ओल्ड ब्लॉक की मरम्मत करवाने की एबीवीपी ने मांग उठाई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रामपुर महाविद्यालय इकाई ने शुक्रवार को क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह को ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी ने कहा कि रामपुर क्षेत्र में लंबे समय से ये समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन बार-बार मांग उठाने के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
विभाग संयोजक रवि वर्मा ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में शिंगला में क्षेत्र का एकमात्र संस्कृत महाविद्यालय के लिए सूचना जारी की गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इस सूचना को निरस्त किया गया। इससे संस्कृत विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को शिमला और मंडी सहित अन्य दूरदराज के क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है। परिषद ने संस्कृत महाविद्यालय को जल्द दोबारा शुरू करने की मांग की।
साथ ही रामपुर बस अड्डे से राजकीय महाविद्यालय के मुख्य द्वार तक सुरक्षित पैदल रास्ता बनाने की मांग लगातार उठाई जा रही है, लेकिन अभी तक इसका समाधान नहीं हो पाया है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग-पांच पर वाहनों की अधिक आवाजाही के चलते प्रतिदिन हजारों विद्यार्थियों को असुरक्षित परिस्थितियों में पैदल सफर करना पड़ता है। ऐसे में किसी भी समय दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है।
महाविद्यालय परिसर में स्थित ऐतिहासिक ओल्ड ब्लॉक की जर्जर हालत पर परिषद ने चिंता जताई। कहा कि भवन की मरम्मत को लेकर कॉलेज प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक कई बार मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। परिषद ने भवन की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू करवाने की मांग की।
रवि वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने इन मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो परिषद आने वाले दिनों में आंदोलन शुरू करेगी। इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और प्रदेश सरकार की होगी।