मांगों को लेकर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, 26 नवंबर से शुरू होना अनशन
रोजगार, प्रदूषण और मकानों में आई दरारों का मुआवजा न मिलने पर बिफरे
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सतलुज नदी पर निर्माणाधीन लूहरी विद्युत परियोजना के प्रभावितों ने मोर्चा खोलने का एलान किया है। प्रभावितों ने चेताया है कि रोजगार, प्रदूषण और घरों में आई दरारों का मुआवजा नहीं मिला तो रामपुर में एसडीएम कार्यालय के बाहर क्रमिक अनशन पर बैठे जाएंगे।
लूहरी परियोजना प्रभावितों ने किसान सभा के बैनर तले शनिवार को तहसीलदार उमेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष कृष्णा राणा और महासचिव देवकी नंद ने बताया कि बड़ाच पंचायत के बरकेली गांव में छूटे हुए परिवारों को वर्ष 2021-22 का परियोजना निर्माण की धूल से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिला है। निनणू डंपिंग को अधिसूचित किया जाए। यहां पर नाप-नपाई की जाए। इसके बाद जो भी क्षेत्र डंपिंग के दायरे में आते हैं, उसका प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाए। करांगला पंचायत और बड़ाच में मकानों में आई दरारों का सर्वे हो चुका है, लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है। परियोजना में जिन लोगों की जमीन अधिग्रहण की गई है, उसे एकमुश्त राशि या रोजगार दिया जाए। परियोजना प्रभावित पंचायतों में धूल से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे पूरा कर शीघ्र मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने प्रशासन से मांग उठाई है कि समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो 26 नवंबर से कार्यालय के बाहर क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी। इस मौके पर हरदयाल कपूर, देवेंद्र, दर्शन, पदम, चेतराम, प्रताप, शंकर, रीता, सुमन और सुंदरी देवी सहित अन्य मौजूद रहे।