बागवानों को इस बार हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पादन विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) से मिलने वाली बागवानी सामग्री का इंतजार करना पड़ रहा है। बागवानों का कहना है कि एचपीएमसी में अभी तक आवश्यक बागवानी सामग्री नहीं पहुंची है, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बागवानों ने जो सेब एचपीएमसी को बेचा था, उसकी एवज में न भुगतान हो पाया है और न बागवानों को दी जाने वाली सुविधाएं और सामग्री मिल पाई है।
बागवानों के अनुसार इन दिनों एचपीएमसी की ओर से केवल स्प्रे ऑयल दिया जा रहा है और वह भी बहुत कम मात्रा में। प्रत्येक बागवान को मात्र तीन केनी स्प्रे ऑयल ही उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर खाद, दवाइयां और अन्य बागवानी उपकरण अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। बागवानों का कहना है कि इस समय बगीचों में स्प्रे ऑयल के छिड़काव का कार्य चल रहा है। वहीं अब पौधों में खाद डालने का भी समय हो चुका है, लेकिन खाद और अन्य जरूरी सामग्री न मिलने के कारण बागवानी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही बागवानों ने यह भी बताया कि मंडी मध्यस्थ योजना के तहत एचपीएमसी की ओर से खरीदे गए सेब के बदले अभी तक न तो उन्हें भुगतान मिला है और न ही उसके बदले बागवानी सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है। ऐसे में बागवानों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
बागवान राकेश चौहान, नरेश कुमार, रमेश ठाकुर, भगत राम और प्रताप चौहान ने कहा कि एचपीएमसी में मिलने वाले स्प्रे ऑयल, खाद, उपकरण सहित अन्य सामग्री का बागवानों को लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्होंने प्रदेश सरकार और एचपीएमसी प्रबंधन से बागवानों की जरूरत का सामान समय रहते केंद्रों में पहुंचाने की मांग की है। उन्होंने लंबित भुगतान भी जारी करने की मांग उठाई है।