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Rampur Bushahar News: नेरवा से दिल्ली के लिए सीधी बस चलाने की मांग

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बस शुरू होने से चौपाल, नेरवा, कुपवी, शिलाई के लोगों और किसानों को होगा लाभ
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संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की ओर से नेरवा डिपो से चार नई बसों को चलाने की नोटिफिकेशन जारी हुई है। इसमें चौपाल-दिल्ली रूट का जिक्र नहीं है, जबकि चौपाल से दिल्ली के लिए बस चलाने की मांग दो दशकों से हो रही है। चौपाल विधानसभा क्षेत्र से दिल्ली के लिए कोई भी सीधी बस सेवा न होने से नेरवा सहित उपमंडल चौपाल के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। चौपाल उपमंडल के नेरवा, कुपवी और सिरमौर जिले के शिलाई उपमंडल के लोग दो दशक से नेरवा से दिल्ली के लिए सीधी बस सेवा की मांग कर रहे हैं। लोगों की इस मांग की लंबे अरसे से अनदेखी होती आई है। यदि यह बस सेवा शुरू हो जाती है, तो चौपाल के नेरवा, कुपवी, जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र, उत्तराखंड के अटाल, त्यूणी, मीनस और क्वाणू क्षेत्र के हजारों लोगों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। इन सभी क्षेत्रों से देश की राजधानी के लिए एक भी सीधी बस सेवा नहीं है। सीधी बस सेवा न होने के कारण क्षेत्र के किसान और बागवान कई बार लूट का शिकार भी हो चुके हैं। लगभग दस वर्ष पूर्व चुनाव के दौरान आनन-फानन में नेरवा से दिल्ली के लिए बगैर आवश्यक औपचारिकताएं पूरे किए बिना वाया पांवटा साहिब-यमुनानगर एक बस चलाई गई, लेकिन इसको हरियाणा में चलने के लिए आवश्यक रूट परमिट न होने के कारण एक सप्ताह में बंद कर दिया गया। अब लोग इस बस को वाया यमुनानगर न चलाकर वाया पांवटा साहिब-सहारनपुर-शामली-कांधला-बड़ौत-बागपत चलाने की मांग कर रहे हैं।
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उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के प्रगतिशील किसान अमेरिकन, इंग्लिश और चाइनीज सब्जियां उगाकर अपनी आर्थिकी सुदृढ़ करने के सपने देख रहे हैं, लेकिन ट्रांसपोर्ट की सुविधा इनकी राह का रोड़ा बनी हुई है। क्षेत्र के किसान सूरत शर्मा, गीता राम, सुरेश ठाकुर, हरी सिंह, सुरेश शर्मा और सलमान ने बताया कि किसान पॉलीहाउस और खुली खेती के माध्यम से ब्रोकली, आईसवर्ग, लेट्यूस, लीक, रेड कैबेज, चाइनीज कैबेज, रेड एंड येलो कैप्सिकम और फूलों के उत्पादन से जुड़कर अपनी आर्थिकी सुधारने के सपने देख रहे हैं। इन सब्जियों की मांग पांच सितारा होटलों में अधिक रहती है। लिहाजा, दिल्ली की मंडियों में इन सब्जियों के दाम 250 रुपये से लेकर 350 रुपये तक मिल जाते हैं, जबकि स्थानीय मंडियों में इनके दाम मात्र 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक ही मिल पाते हैं। ट्रांसपोर्ट की सुविधा न होने के कारण किसानों को अपने उत्पाद मजबूरन स्थानीय मंडियों में ही बेचने पड़ते हैं। यदि दिल्ली के लिए बस की सुविधा मिल जाए, तो ये कीमती सब्जियां बस की छत पर दिल्ली की मंडियों में पंहुचाई जा सकती हैं। इन सब्जियों का इतना उत्पादन भी नहीं होता है कि इन्हें प्रतिदिन ट्रकों के जरिये मंडियों तक पहुंचाया जा सके। एक किसान की एक दो पेटी ही प्रतिदिन तैयार हो पाती है, जोकि बस की छत पर आराम से मंडी तक पंहुचाई जा सकती है। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मांग की है कि नेरवा से दिल्ली के लिए सीधी बस सेवा शुरू की जाए।
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