15/20 घाटी की सीमा गानवी पुल के पास धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए नारियल चढ़ाने की रस्म
देवता लाहरुवीर और लाच्छा महाराज के साथ ऐतिहासिक महामिलन
मंदिर पहुंचने पर कमेटी पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
डंंसा (रामपुर बुशहर)। नोग-घोड़ी के अधिष्ठाता प्रमुख देवता साहिब दमुख लाव-लश्कर के साथ ढोल-नगाड़ों की थाप पर अपने मंदिर से 15/20 घाटी के चार दिवसीय प्रवास पर रवाना हुए। बुधवार को देवता साहिब और देवलू नाचते-गाते गानवी पहुंचे, जहां मंदिर कमेटी और ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया।
गानवी स्थित मंदिर में देवता लाहरुवीर और लाच्छा महाराज के साथ देवता साहिब दमुख का ऐतिहासिक दिव्य मिलन हुआ जिसके सैकड़ों श्रद्धालु साक्षी बने। जाख-फांचा के निमंत्रण पर निकले देवता साहिब दमुख के गानवी पहुंचने पर लाहरुवीर मंदिर समिति ने धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए उनका मंदिर परिसर में स्वागत किया। इसके बाद तीनों देव शक्तियों का ऐतिहासिक दिव्य मिलन संपन्न हुआ।
परशुराम मंदिर समिति डंसा के अध्यक्ष खेल चंद नेगी और महासचिव जीएल डमालू ने बताया कि इतिहास में पहली बार इष्ट देवता दमुख धार्मिक कार्यक्रम के लिए 15/20 क्षेत्र के दौरे पर निकले हैं। उन्होंने बताया कि जाख-फांचा में देवता दमुख और जाख देवता के सानिध्य में दखरोड़ मेले का आयोजन होगा। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीण नाटियों का दौर चलेगा। वीरवार शाम को देवता साहिब दमुख फांचा के लिए प्रस्थान करेंगे। 18 जुलाई की शाम को देवता साहिब दमुख फांचा से अपने देवालय के लिए रवाना होंगे।