शास्त्र हमें अनुशासन, संस्कार और जीवन जीने की सही दिशा करते हैं प्रदान : शशांक कृष्ण
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। आनी खंड के प्रसिद्ध देहुरी स्थित माता पछला मंदिर में नौ दिवसीय देवी भागवत पुराण कथा का आयोजन चल रहा है। कथा के तीसरे दिन कथावाचक आचार्य शशांक कृष्ण कौशल ने देवी भागवत पुराण का विस्तृत बखान किया। कथावाचक ने अपने प्रवचन में भगवती के परम धाम मनीद्वीप का अत्यंत सुंदर और आध्यात्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मनीद्वीप में 16 दिव्य द्वार हैं और प्रत्येक द्वार पर भगवती की विभिन्न शक्तियां उसकी रक्षा करती हैं। उन्होंने कहा कि भगवती स्वयं शक्ति स्वरूपा हैं और बिना शक्ति के संसार में कोई भी कार्य संभव नहीं है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को शास्त्रों का ज्ञान देने की अपील करते हुए कहा कि शास्त्र हमें अनुशासन, संस्कार और जीवन जीने की सही दिशा प्रदान करते हैं। कथा के दौरान माता के विभिन्न रूपों, शक्तियों और उनके महत्व का विस्तार से वर्णन किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त हो रहा है।
मीडिया प्रभारी रवि कांत शास्त्री और मंदिर पुजारी मुकेश शर्मा ने बताया कि कथा के दौरान प्रतिदिन भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सभी श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। 27 मार्च को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कांग्रेस नेता एवं समाजसेवी सतपाल की ओर से सेवा दी जाएगी। उन्होंने समस्त जनता से भंडारे में बढ़चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया है।
इसके अतिरिक्त प्रत्येक रात्रि आनी क्षेत्र की विभिन्न महिला मंडलों को भजन-कीर्तन के लिए आमंत्रित किया गया है, जिससे धार्मिक कार्यक्रमों में स्थानीय सहभागिता भी सुनिश्चित हो रही है। पूरा क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा हुआ है।