हजारों लोगों को आवाजाही करने में झेलनी पड़ी परेशानी
तेज बारिश के कारण हुआ भारी भूस्खलन
निगुलसरी में जान हथेली पर रखकर सफर करने को लोग मजबूर
मार्ग बहाल होते ही किन्नौर और शिमला जिले की ओर दौड़े वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-5 लंबे समय से बार-बार अवरुद्ध हो रहा है। निगुलसरी में यातायात ठप होने से जहां हजारों लोगों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ऊपरी पहाड़ी के बार बार दरकने से सफर भी जोखिमों भरा बना हुआ है। जान हथेली पर रखकर हजारों लोग, सेना के जवान और पर्यटकों सहित किसान-बागवान आवाजाही करने को मजबूर हैं।
भारी बारिश के कारण निगुलसरी में एनएच-5 पर करीब 15 घंटे और नाथपा में 10 घंटे तक यातायात बंद रहा। इसके कारण हजारों लोगों को आवाजाही करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। भारी बारिश के कारण निगुलसरी में सोमवार शाम करीब सात बजे और नाथपा में सोमवार रात करीब एक बजे ऊपरी पहाड़ी दरकने से यातायात ठप हो गया। तेज बारिश के कारण एनएच-5 पर भारी मलबा आ गया। इससे आवाजाही बंद हो गई। निगुलसरी में 100 मीटर और नाथपा में 80 मीटर एनएच पर मलबा गिरा। तेज बारिश के कारण रात भर ऊपरी पहाड़ी से रुक-रुक कर भूस्खलन का सिलसिला जारी रहा।
मंगलवार सुबह करीब छह बजे से प्राधिकरण ने दोनों स्थानों पर बाधित एनएच पांच को बहाल करने के लिए मशीनरी लगाई और करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 11:00 बजे एनएच पांच बहाल किया गया। मार्ग बहाल होते ही किन्नौर और शिमला जिले की ओर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई और हजारों लोगों ने राहत की सांस ली।
एनएच प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता सतीश जोशी ने कहा कि निगुलसरी में 4 मशीनरी और नाथपा में दो मशीनरी सहित मजदूरों की मदद से बाधित एनएच को बहाल किया गया।