देवताओं के साथ पहुंचे सैकड़ों की संख्या में खूंद
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। चिड़गांव तहसील के अंतर्गत डिसवानी गांव में देवता गुडारू महाराज का तीन दिवसीय पारंपरिक शांतड़ी महायज्ञ अनुष्ठान में खूंद हथियारों से लैस होकर ढोल-नगाढों के साथ पहुंच गए हैं। इस देव अनुष्ठान में चिउनी से देवता परशुराम, नडला से देवता परशुराम, रोहड़ू से देवता शिकड़ू महाराज, छुपाड़ी से देवता गुडारू और थली से देवता गुडारू महाराज विशेष रूप से उपस्थित हुए हैं।
तीन दिवसीय अनुष्ठान के पहले दिन 31 दिसंबर को संघेड़ा रस्म के साथ देवताओं और देवलुओं का आगमन हुआ है। एक जनवरी को महायज्ञ में शिखा पूजन की रस्म निभाई जाएगी। तीसरे दिन दो जनवरी को उछड़-पाछड़ रस्म के साथ देवताओं और देवलुओं की विदाई होगी। मंदिर कमेटी के मोतमीन रविंद्र रिठवान ने बताया कि डिसवानी में वर्ष 2017 में देवता गुडारू महाराज के शांत महायज्ञ के बाद देव परंपरा के अनुसार कुछ सालों के बाद शांतड़ी अनुष्ठान करना अनिवार्य होता है, इसलिए देवता महाराज के आदेशानुसार यह अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है।
इस अनुष्ठान में देवता के साथ सैकड़ों लोग पहले दिन परंपरा निर्वहन करेंगे। गुडारू महाराज देवता छुपाड़ी के साथ सैकड़ों लोग पारंपरिक परिधानों में डंडे और पारंपरिक हथियार लेकर ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचे। अनुष्ठान के दौरान तीन रातों तक सभी तंबुओं में ही रहेंगे। उनके लिए खानपान की व्यवस्था आयोजक देवता की जनता की ओर से की गई है। इसके अलावा मंदिर परिसर में भी धाम का आयोजन किया गया है। यज्ञ में पूर्ण आहुति के बाद ही अनुष्ठान के समापन की प्रक्रिया शुरू होती है। दो जनवरी को उछड़ पाछड़ का कार्यक्रम रहेगा।