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हार्न बजाने पर पास देने में समय लगने की जान देकर चुकानी पडी कीमत

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पास के लिए 10 मीटर का इंतजार नहीं कर पाए
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नेरवा बाजार में जगह न होने पर भी बार-बार बजा रहे थे हॉर्न
नेरवा। भरे बाजार में गाड़ी को पास न देने की कीमत रजत को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। नेरवा बाजार में जगह न होने पर भी आरोपी युवक बार-बार हॉर्न बजा रहे थे। हालांकि मात्र दस मीटर की दूरी पर उन्हें पास मिल भी गया लेकिन आरोपियों ने रजत की इतनी पिटाई कर डाली कि उसकी जान ही चली गई।
हादसे का शिकार युवक रजत अपनी माता को लेने अपने मामा के धर बोहराड़ जा रहा था। इसी वक्त एक गाड़ी में सवार तीन अन्य युवक भी आ रहे थे। युवकों ने रजत से आगे निकलने के लिए हॉर्न बजाकर पास मांगा। बाजार में पास के लिए जगह न होने के कारण करीब दस मीटर बाद उसने पीछे से आने वाली गाड़ी को पास देने का प्रयास किया। ऐसे में पीछे वाली गाड़ी में सवार वारदात के मुख्य आरोपी गाड़ी से उतरे और रजत के साथ बहसबाजी करने लगे। बाजार में ट्रैफिक व्यवस्था देख रहे होम गार्ड और अन्य लोगों ने बीच बचाव कर रजत को वहां से भेज दिया। तीनों आरोपी युवकों ने उसका पीछा कर डुंडी मंदिर के समीप कॉलेज रोड पर अपनी स्विफ्ट गाड़ी खड़ी कर उसका रास्ता रोक लिया। तीनों आरोपियों ने रजत को गाड़ी से घसीट कर बाहर निकाला। आरोपियों की अंधाधुंध पिटाई से बेहाल रजत वहीं पर गिर गया। इसी दौरान उसकी मां बिंदी और पिता बलदेव राज भी नेरवा पहुंच गए थे। लाडले को घायलावस्था में देख कर उसको नेरवा थाने लेकर गए। प्राथमिक सूचना देने के बाद पुलिस व माता पिता उसे नेरवा अस्पताल लेकर गए। अस्पताल में इलाज के दौरान रजत की तबीयत खराब हो गई। चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसने दम तोड़ दिया। मौत के बाद युवक के घर पर मातम का माहौल है।
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मृतक की माता-पिता हादसे के बाद सदमे में हैं। शनिवार को परिवार के लोग मृतक का शव लेने के लिए शिमला गए हैं। पुलिस पहरे में शव को गांव पहुंचाया जा रहा है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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