रिकांगपिओ (किन्नौर)। सोनम हत्याकांड और ऋषि हिट एंड रन मामले में पुलिस ने दोटूक कहा कि जांच को लेकर किसी का दबाव नहीं है। पुलिस बारीकी से दोनों मामलों की जांच कर रही है। दोनों मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों पर एसपी एसआर राणा ने कहा कि कानून किसी को नहीं बख्शेगा। सोनम हत्याकांड मामले में उन्होंने कहा कि मोबाइल कंपनी की गलत सूचना के कारण जांच प्रभावित हुई। सोनम के पिता ने आठ सितंबर को पुलिस में लापता होने की सूचना दी थी। इस पर पुलिस ने संबंधित कंपनी से सोनम की फोन लोकेशन पूछी। कंपनी की ओर से बताया गया कि सोनम की फोन लोकेशन पूह में है। यह जानकारी गलत निकली। हत्यारों ने सोनम को सात सितंबर को ही मारकर सतलुज में फेंक दिया था। कंपनी सही जानकारी देती तो जांच प्रभावित न होती। सोनम को आरोपियों ने 7 सितंबर की रात को पूह के भगत नाले के पास मौत के घाट उतार दिया था और लाश को सतलुज नदी में फेंक दिया था। सभी नौ आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान एक ठेकेदार ने 20 साल से अवैध खनन की बात कबूली। इस दौरान माइनिंग ऑफिसर गगन को भी तलब किया गया और किन्नौर जिले में लगे क्रेशरों की जानकारी मांगी गई।
क्यूआरटी ढूंढ रही सोनम को, खोजी कुत्ते और एनडीआरएफ भी बुलाई
एसपी ने कहा कि सोनम दोरजे की लाश को ढूंढने के लिए क्यूआरटी लगा दी गई है। एनडीआरएफ की टीम और खोजी कुत्तों के साथ विशेष दूरबीन भी मंगवाई गई है। इधर, पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद सोनम के परिजनों ने शव को जल्द से जल्द ढूंढने की मांग की है।
लोगों ने 14 को चक्का जाम कर उठाए थे पुलिस पर सवाल
14 सितंबर को रिकांगपिओ बाजार में प्रदर्शन के बाद लोगों ने एनएच को तीन घंटे जाम कर दिया था। पुलिस पर आरोप लगे कि पुलिस जांच सही तरीके से नहीं कर रही है। ऐसे में सीबीआई को जांच सौंप दी जाएग।
ऋषि हिट एंड रन मामले में नहीं लग सकती धारा-302
टापरी में हिट एंड रन केस में ऋषि की मौत होने पर टापरी में लोगों की ओर से चक्का जाम कर धारा-302 लगाने की मांग की गई थी। इस पर एसपी ने कहा कि यह दुर्घटना है। यह मामला 302 धारा के अंतर्गत नहीं आता है।