रामपुर बुशहर। मादक पदार्थ रखने के दो दोषियों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर अनुजा सूद की अदालत ने मंगलवार को 10-10 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषियों को एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर अनुजा सूद की अदालत ने मंगलवार को चरस के साथ पकड़े गए दो दोषियों पर आरोप सिद्ध होने के बाद दोषी रमेश कुमार, पुत्र राजेश कुमार और मन बहादुर, पुत्र भदुर बहादुर निवासी नेपाल को 10-10 साल की सजा सुनाई है। वहीं, दोषियों को एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि 8 अगस्त 2018 को करीब 5:45 बजे थाना प्रभारी निरमंड की अगुवाई में पुलिस की टीम देवढांक मंदिर के पास गश्त कर रही थी। इस दौरान नीचे की ओर से दो लोग सड़क तक आने की कोशिश कर रहे थे। जैसे ही पुलिस की नजर उन पर पड़ी तो उन्होंने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की मुश्तैदी के चलते उनको धर दबोच लिया गया। पुलिस ने जब शक के आधार पर उनकी तलाशी ली तो उनके पास एक थैले से 4.210 किलोग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया गया। अदालत में सरकार की ओर से मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की। उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान 10 गवाहों की गवाही करवाई गई। गवाही और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने यह अहम फैसला सुनाया।