खतरे के साये में सफर कर रहे ग्रामीण, गंतव्य तक पहुंचने में यात्री झेल रहे परेशानी
सवालों के घेरे में डिपो की लचर कार्यशैली
चेताया, जल्द समस्या नहीं सुलझी तो निगम प्रबंधन के खिलाफ होगा प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
रामपुर उपमंडल के ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश रूटों पर निगम की खटारा बसें आए दिन यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही हैं। इस कारण जहां यात्री खतरे के साये में सफर करने को मजबूर हैं, वहीं अपने गंतव्य तक पहुंचना भी चुनौती बना हुआ है। मंगलवार को रामपुर से सनेई रूट पर चलने वालीं तीन बसें खराब हो गईं। मंगलवार सुबह सनेई से रामपुर चलने वाली बस में तकनीकी खराबी आने से यात्रियों को पैदल ही रामपुर और अन्य क्षेत्रों में जाना पड़ा।
इसके बाद मामला दोपहर सनेई से रामपुर जाने वाली बस अचानक सुंडा स्टोन क्रशर के पास खराब हो गई। यात्रियों को फिर पैदल रामपुर जाना पड़ा। मंगलवार को ही शाम को रामपुर से सनेई चलने वाली बस नंबर एचपी 06ए 6214 राया शरण कैंची के पास फिर तकनीकी खराबी से बीच सड़क पर ही खड़ी हो गई। इस कारण करीब दो दर्जन यात्रियों को तीन से चार किलोमीटर का रास्ता पैदल तय कर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। बुधवार की सुबह जगुनी-कराली-सनेई बस अड्डे में रामपुर जाने के लिए बस के इंतजार में खड़े थे, तभी पता चला कि बस शाम को राया-शरण कैंची में तकनीकी खराबी पेश आने से खड़ी है। इसके बाद लोगों को वाया डंसा होते रामपुर जाना पड़ा। कुछ लोग टैक्सियों के जरिये भारी-भरकम किराया खर्च कर रामपुर पहुंचे। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने निगम की लचर कार्यशैली को आड़े हाथ लिया है और चेतावनी दी है कि यदि सिलसिला ऐसे ही चलता रहा, तो निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा। लोगों में बीर सिंह, नरेंद्र, आशुतोष, सीता राम, दिनेश, लायक राम, चरण दास, सुंदर सिंह, राजेंद्र, बीना देवी, चिंता, सुनीता, रोशनी देवी और सूरज मणि का कहना है कि निगम की खटारा बसों में यात्रा करना जोखिमभरा साबित हो रहा है। यात्रियों को हर समय यही चिंता सताती है कि गंतव्य तक पहुंच पाएंगे कि नहीं। उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन से इस मुद्दे पर गंभीरता से मंथन करने की मांग की है।
बसों में पेश आ रही तकनीकी खामियों का बारीकी से अध्ययन किया जाएगा। जल्द ही समस्या से निजात पाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
- उमेश, क्षेत्रीय प्रबंधक, रामपुर डिपो