रिकांगपिओ(किन्नौर)। देश और प्रदेश सहित जनजातीय जिला किन्नौर में भी आज से कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण आरंभ किया जाएगा। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने शुक्रवार को कोरोना टीकाकरण की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता की।
उपायुक्त ने बताया कि कोरोना टीकाकरण का शुभारंभ रिकांगपिओ क्षेत्रीय अस्पताल से आज प्रात: 11 बजे से किया जाएगा। इसी अस्पताल में 4 दिन 16, 18, 21 और 23 जनवरी को टीकाकरण होगा। निचार, भावानगर में 18 जनवरी को टीकाकरण होगा, जबकि सांगला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूह में 23 और 28 जनवरी को टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को किल्बा, मूरंग, रिब्बा और 28 को ज्ञाबुंग, स्पीलो, कटगांव, उरनी और टापरी में टीकाकरण किया जाएगा।
हेमराज बैरवा ने बताया कि जिले को अभी कोविड वैैक्सीन की1 हजार डोसेज प्राप्त हुई हैं, जिसमें से 360 डोसेज सेना के मेडिकल कोर को दी गई हैं। प्रथम चरण में कोरोना महामारी के खिलाफ कार्य कर रहे स्वास्थ्य वर्करों, जिनमें आशा वर्कर और निजी अस्पताल छोल्तू का स्टाफ शामिल हैं। इसके अलावा आयुर्वेद, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और हेल्पर का टीकाकरण किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी किन्नौर डॉ. सोनम नेगी ने बताया कि यह टीका पूरी तरह से सुरक्षित है और इस टीके को भारत सरकार के दवा महा नियंत्रक की ओर से परीक्षण के अनेक मानकों पर खरा उतरने के बाद ही मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि यह टीका दो चरणों में लगाया जाएगा। वैक्सीन का पहला टीका लगने के उपरांत 28 दिन के बाद दूसरा टीका लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीका लगाने वाले व्यक्ति को 42 दिन तक कोविड जोखिम से बचने के लिए पूर्व में जारी सभी उपायों और दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा, तभी यह टीका पूर्ण रूप से प्रभावी हो सकेगा। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों का टीकाकरण करने के उपरांत जैसे कई बार बुखार हो जाता है। ऐसे में हो सकता है कि कुछ लोगों को कोविड टीकाकरण के उपरांत हल्का बुखार हो। ऐसे में घबराने की कोई भी आवश्यकता नहीं है और वे अपने निकटतम अस्पताल से भी संपर्क कर सकते हैं। इस मौके पर सेना के कर्नल आरएस खान, सीमा सड़क संगठन के अनमोल पराशर, उपनिदेशक उच्चतर शिक्षा जोगिंद्र सिंह नेगी और चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसएस नेगी सहित अन्य मौजूद रहे।