ज्यूरी(रामपुर बुशहर)। शिमला से करीब 150 किलोमीटर दूर ज्यूरी स्थित ऐतिहासिक उन्नू महादेव मंदिर में प्राकृतिक गर्म पानी के कुंड और स्रोत खस्ताहाल हो गए हैं। हजारों लोगों की आस्था का प्रतीक ऐतिहासिक उन्नू महादेव मंदिर सरकार की अनदेखी का शिकार बना हुआ है।
गौर हो कि हर वर्ष मकर संक्रांति और प्रत्येक हिंदू पर्व पर यहां हजारों श्रद्धालु गर्म पानी में स्नान कर पुण्य प्राप्ति के लिए आते हैं। यहां बोर कर निकाले गए गर्म पानी का बहाव कम होता जा रहा है। यहां श्रद्धालुओं को नहाने के लिए बने गर्म पानी के मात्र दो कुंडों की हालात भी दयनीय बनी हुई है। किन्नौर, शिमला और कुल्लू जिले से मकर संक्रांति पर यहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने से काफी दिक्कतें होती हैं। महिला श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना करना पड़ रहा है। सामाजिक कल्याण समिति ज्यूरी ने बीते वर्ष झाकड़ी में हुए जनमंच में भी इस आस्था के केंद्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग उठाई थी, लेकिन बावजूद इसके मंदिर की हालत नहीं सुधर पाई है।
समिति के सदस्य राजेंद्र सुनेल, सुदर्शन सहगल, सुनील शर्मा, पंजू कपिला, अरविंद सूद और राजकांता ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मंदिर के आवश्यक कार्य को प्रमुखता से पूरा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए यहां नहाने के लिए नए कुंडों का निर्माण किया जाए। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां नाले के ऊपर फुटब्रिज और पुरुषों के लिए नहाने की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने तत्तापानी की तर्ज पर इस स्थान को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग की है।
उन्नू महादेव मंदिर समिति के सचिव अशोक भारद्वाज ने कहा कि मंदिर में बने मात्र दो स्नानागार (कुंड) खस्ताहाल हैं। स्नानागार के लेंटर से कंकरीट झड़ने लगी है, जिससे कभी भी कोई हादसा हो सकता है। उन्होंने सरकार से मंदिर में किए जाने वाले आवश्यक सुधार कार्यों को पूरा करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि मंदिर में इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण श्रद्धालुओं के लिए कोई खास बंदोबस्त नहीं किए जा सकेंगे। मंदिर में संक्रमण से बचने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।