ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। दिल्ली और दूसरे राज्यों में जहां आईटीबीपी के जवान कोरोना वॉरियर्स की भूमिका में संक्रमित लोगों की सेवा में जुटे हैं, वहीं भारत-तिब्बत सीमा के तीन सौ किलोमीटर दूर ज्यूरी में आईटीबीपी के जवानों का कोरोना पॉजिटिव आने का सिलसिला थम नहीं रहा है।
ज्यूरी एसजेवीएनएल कॉलोनी में संस्थागत क्वारंटीन सेंटर से सोमवार को 41 जवानों के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। इनमें से 18 जवानों के एक साथ पॉजिटिव आने से प्रशासन भी सकते में आ गया।
रिपोर्ट आने के बाद शिमला से एडीसी अपूर्व देवगन, रामपुर से एसडीएम सुरेंद्र मोहन, बीएमओ आरके नेगी और सराहन से नायब तहसीलदार प्यारे लाल नेगी सहित मेडिकल की टीमें ज्यूरी पहुंच गईं।
मशोबरा अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव लोगों के लिए जगह कम होने के कारण 18 संक्रमित जवानों का फिलहाल ज्यूरी में ही इलाज किया जा रहा है जबकि, शेष निगेटिव जवानों को सीनियर सेकेंडरी स्कूल ज्यूरी और सराहन शालाबाग में आइसोलेट किया गया है।
ज्यूरी के एक ही संस्थागत क्वारंटीन सेंटर से 20 दिन में तीन दर्जन से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं। एसडीएम सुरेंद्र मोहन ने बताया कि 18 पॉजिटिव जवानों का इलाज संस्थागत क्वारंटीन सेंटर में आईटीबीपी के डॉक्टर करेंगे। निगेटिव आए जवानों को दो वर्गों में बांटा गया है। इनमें से एक ग्रुप को सीनियर सेकेंडरी स्कूल ज्यूरी, जबकि दूसरे को शालाबाग सराहन शिफ्ट कर दिया गया है।