रामपुर बुशहर। एक ओर कोरोना महामारी से जनजीवन अस्त व्यस्त है। वहीं, इस वर्ष मौसम की बेरुखी ने भी किसान-बागवानों की मुश्किलों को काफी बढ़ा दिया है। बुधवार को ननखड़ी तहसील की आधा दर्जन पंचायतों में ओलावृष्टि ने कहर बरपाया है। ओलावृष्टि से इन पंचायतों में सेब की फसल को करीब 30 प्रतिशत फसल क्षतिग्रस्त हुई है, ऐसे में बागवान चिंतित हैं। प्रभावित बागवानों ने सरकार से नुकसान के एवज में उचित मुआवजा देने की गुहार लगाई है।
ननखड़ी तहसील की ग्राम पंचायत बड़ोग, ननखड़ी, जाहू, बगलती, अड्डू और खूनी पनोली में बुधवार शाम भारी ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से बागवानों की वर्ष भर की मेहनत पर पानी फिर गया है। क्षेत्र के हजारों बागवानों की फसलों को ओलावृष्टि से करीब तीस प्रतिशत का नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र के अधिकतर लोगों की आर्थिकी सेब पर ही निर्भर है, ऐसे में ओलावृष्टि से बागवानों को खासी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष कुलबीर खूंद, बागवान लाल चंद, पिंकू खूंद, मनोज ठाकुर, प्रदीप कुमार, सुरजीत ठाकुर, सुरेंद्र, लोकेश, रणवीर सहित अन्य बागवानों ने सरकार से मांग की है कि ओलावृष्टि से सेब की फसल को पहुंचे नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए। क्षेत्र के हजारों किसान बागवान मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।
तहसीलदार ननखड़ी वीना ठाकुर ने बताया कि इन पंचायतों में सेब की फसल को 25 से 30 प्रतिशत नुकसान होने की सूचना मिली है।
उधर, बागवानी विभाग ननखड़ी के एचडीओ डॉ. संजय चौहान ने बताया कि सेब की फसलों को ओलावृष्टि से पहुंचे नुकसान का आकलन किया जा रहा है, जिसकी जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन और सरकार को भेजी जाएगी।