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कांग्रेस ने महिला उत्थान की योजनाओं का हमेशा किया विरोध : नीना

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महिला आरक्षण अधिनियम बिल को लेकर कांग्रेस फैला रही भ्रांतियां
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संवाद न्यूज एजेंसी

रिकांगपिओ (किन्नौर)। महिला आरक्षण अधिनियम को लेकर विपक्ष की ओर से भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। इस बिल से एससी और एसटी वर्ग के आरक्षण पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह बात रिकांगपिओ में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश पूर्व सचिव एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नीना शर्मा ने कही।
उन्होंने कहा कि विपक्ष गलत धारणा बना रहा है कि महिला आरक्षण लागू होने से अन्य आरक्षण प्रभावित होंगे, जबकि ऐसा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब राजनीतिक कारणों से किया जा रहा है। नीना ने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं। इनमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी पहल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और महिला आरक्षण के माध्यम से महिलाओं को नीति निर्धारण में भागीदारी देने का प्रयास किया गया।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हो चुका है। इसे 2034 में लागू किया जाना प्रस्तावित है, लेकिन केंद्र सरकार चाहती थी कि इसे 2029 में ही लागू किया जाए। उनके अनुसार, विपक्ष के विरोध के कारण यह संभव नहीं हो पाया। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा महिलाओं के हित में लाई गई योजनाओं का विरोध किया है। उन्होंने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि इसे रोकने में भी कांग्रेस की भूमिका रही है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल गिरने पर उनका प्रतिक्रिया देना निंदनीय है।
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