ग्रामीणों ने सड़क सुधारने और क्रैश बैरियर लगाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)।
जनजातीय जिला किन्नौर के सीमांत क्षेत्र की मूरंग पंचायत के ग्रामीण तीन साल से खस्ताहाल सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। करीब 5 किलोमीटर लंबी ग्रामंग-थ्वारिंग सड़क पर सफर जानलेवा बना हुआ है। यहां चालक की जरा सी चूक हादसे का कारण बन सकती है। इस सड़क पर रोजाना क्षेत्र के ग्रामीण डर के साये में सफर कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से सड़क की हालत सुधारने की मांग की है। विभाग से बार-बार मांग उठाने के बाद भी ग्रामीणों की समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़क पर टारिंग उखड़ चुकी है। पूह खंड की हजारों की आबादी को लाभान्वित करने वाली इस सड़क से ग्रामीणों के उत्पाद मंडी पहुंचाना सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण बना रहता है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी इस सड़क की खस्ताहालत की विभाग सुध नहीं ले रहा। इस कारण ग्रामीणों में खासा रोष है। इस सड़क पर क्रैश बैरियर न होने से हादसे होने का अंदेशा बना रहता है।
नकदी फसल मंडी पहुंचाने में परेशानी झेलनी पड़ रही
सड़क की बदहाली से बागवानों को भी अपनी नकदी फसल मंडी पहुंचाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। मूरंग पंचायत के प्रधान अनूप नेगी, पूर्व प्रधान अजेंद्र नेगी, उपप्रधान केश कुमार नेगी, बीडीसी सदस्य लोबजंग शेरब, वार्ड सदस्य नंद कुमार नेगी, आशा कुमारी नेगी, योगिंद्र सिंह नेगी, मनोज कुमार नेगी, राजीव राठौर सहित अन्य लोगों ने कहा कि सड़क की हालत बीते तीन वर्ष से खस्ता बनी हुई है। इस सड़क पर रोजाना ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार, लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से सड़क ही हालत में सुधार करने की मांग उठाई है।
सड़क की हालत सुधारने के लिए ठेकेदार को बार-बार निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। संबंधित ठेकेदार को हटाकर कार्य दूसरे ठेकेदार को सौंपा जाएगा। सड़क पर सुरक्षा के लिहाज से क्रैश बैरियर लगाने का प्रस्ताव भी मंजूरी के लिए भेजा गया है।
- नीतिश ठाकुर, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग मूरंग