वेतन न मिलने को लेकर रिकांगपिओ में सड़कों पर उतरे मजदूर।
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर की दो विद्युत परियोजनाओं में वेतन नहीं मिलने पर मजदूरों ने जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में रोष रैली निकाली। इंटक के बैनर तले सैकड़ों मजदूरों ने परियोजना प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मजदूर संगठनों ने चेताया कि वेतन जारी नहीं होने तक मजदूरों का आंदोलन जारी रहेगा।
एचपीपीसीएल और पटेल कड़छम शौंगटोंग हाइड्रो परियोजना के मजदूरों ने शनिवार को जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में परियोजना प्रबंधन के खिलाफ रोष जताया। इंटक प्रदेश सचिव कुलवंत नेगी और जिलाध्यक्ष मान चंद की अगुवाई में मजदूरों ने रोष रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने दोनों परियोजनाओं के कार्यालय का घेराव भी किया। कामगारों ने बताया कि कंपनी प्रबंधन ने उन्हें पिछले चार महीने से वेतन जारी नहीं किया है। इस वजह से उनके लिए परिवार का गुजर बसर करना मुश्किल हो गया है।
कामगारों ने रोष रैली पटेल कार्यालय से रिकांगपिओ बाजार होते हुए एचपीपीसीएल कार्यालय तक निकाली। इंटक जिलाध्यक्ष मानचंद नेगी ने कहा कि पटेल कंपनी और निजी ठेकेदार के अधीन काम कर रहे मजदूरों का कंपनी प्रबंधन शोषण कर रहा है। मजदूरों को चार माह से वेतन नहीं दिया गया, जो श्रम कानूनों का उल्लंघन है। श्रम कानून के तहत मजदूरों को 7 से 10 तारीख के बीच में प्रत्येक माह वेतन दिया जाना चाहिए। मगर प्रबंधन मजदूरों की अनदेखी कर रहा है। इस कारण मजदूरों को अपना और परिवार का भरण पोषण करने में मुश्किलें आ रही हैं।
उन्होंने चेताया कि जब तक मजदूरों की मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। रिकांगपिओ एचपीपीसीएल के जीएम आरके चौधरी ने बताया कि मंगलवार 27 जुलाई को सवा करोड़ रुपए की राशि पटेल कंपनी को दी गई है। मगर पटेल कंपनी की ओर से मजदूरों को वेतन दिया गया या नहीं इसकी रिपोर्ट कंपनी ने अभी तक तक नहीं दी है।