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वर्षों का इंतजार खत्म : ऊपरी शिमला को मिला नया तोहफा, ठियोग बस अड्डे से चलेंगी बसें

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जिलाधीश ने जारी किए आदेश, मुख्यमंत्री ने जून में किया था बस अड्डे का उद्घाटन
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दस साल पहले पुराने बस अड्डे का गिर गया था भवन
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ऊपरी शिमला के लोगों की दशकों पुरानी मांग आखिरकार पूरी होने जा रही है। ठियोग में बहुप्रतीक्षित बस अड्डा अब यात्रियों और परिवहन निगम के कर्मचारियों के लिए अपने दरवाजे खोलने को तैयार है। इस बस अड्डे का उद्घाटन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गत जून में किया था, जबकि परिवहन मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यहां सब डिपो खोलने की घोषणा की थी। नए अड्डे के संचालन के साथ ही सब डिपो खुलने की संभावनाएं भी प्रबल हो गई हैं, जिससे ऊपरी शिमला के हजारों लोगों को राहत मिलने वाली है। करीब दस साल पहले पुराने बस अड्डे का भवन गिर जाने के बाद से लोगों को लगातार असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा था। उस समय से अब तक बस अड्डे का संचालन सड़क किनारे बनाए गए अस्थायी शेड्स और टीन के ढांचों के सहारे हो रहा था। बुकिंग ऑफिस भी इन्हीं अस्थायी ढांचों में चलाया जा रहा था। हालात इतने कठिन थे कि चालक और परिचालक बरसात और बर्फबारी की ठिठुरती रातों में अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद बसों के भीतर ही रात गुजारने को मजबूर थे। यात्रियों के लिए भी यह इंतजार बेहद कष्टदायक रहा, क्योंकि सुविधाओं के नाम पर वहां लगभग कुछ भी उपलब्ध नहीं था।
अब बस अड्डे का नया भवन बनकर तैयार हो चुका है। इसके निर्माण पर पंद्रह करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई और इसे पूरा होने में सात साल से ज्यादा का समय लग गया। यह इंतजार भले ही लंबा रहा हो, लेकिन अब इसका परिणाम सुखद है। नया अड्डा आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें यात्रियों के लिए आरामदायक बैठने की व्यवस्था, शौचालय, क्लॉक रूम और सामान लोड करने-उतारने के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही परिवहन निगम के कर्मचारियों को भी अब आराम करने की सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें कठिन मौसम की मार से राहत मिलेगी।
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बस अड्डे के भीतर दुकानों का भी निर्माण किया गया है। इससे जहां यात्रियों को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध होंगी, वहीं स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। लंबे समय से चली आ रही बसों की पार्किंग की समस्या का समाधान भी इस नए ढांचे से होगा, जिससे यातायात व्यवस्था और अधिक सुगम बनेगी।
ऊपरी शिमला के लोगों के लिए यह बस अड्डा किसी सौगात से कम नहीं है। वर्षों से जिस असुविधा को वे झेल रहे थे, उससे अब छुटकारा मिलने जा रहा है। सड़क किनारे चल रहे अस्थायी अड्डे की अव्यवस्थित तस्वीर अब अतीत बनकर रह जाएगी और उसकी जगह एक आधुनिक, व्यवस्थित और सुरक्षित बस अड्डा क्षेत्र की पहचान बनेगा।
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यातायात व्यवस्था होगी सुचारु, जाम से मिलेेगी निजात
नवनिर्मित बस अड्डे से अब सभी सरकारी और निजी बसें संचालित होंगी। जिला अधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
जून में मुख्यमंत्री ने बस अड्डे का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद भी बसें प्रेम घाट चौक की सड़क से ही चल रही थीं, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब नई व्यवस्था लागू होने से किन्नौर, रामपुर, चौपाल और रोहड़ू सहित अन्य रूटों पर जाने वाली सरकारी व निजी बसें सीधे बस अड्डे से ही संचालित होंगी। इस निर्णय से यात्रियों को सुविधा मिलेगी, यातायात व्यवस्था भी सुचारु होगी और सड़कों पर लगने वाला जाम कम होगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है।
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