नेरवा (रोहड़ू)। एचआरटीसी की बसों का बीच रास्ते खराब होना या आधे रास्ते में तेल खत्म होना तो कई बार सुना लेकिन अब निगम के नेरवा बस अड्डे के पेट्रोल पंप में तेल खत्म होने की एक नई कड़ी जुड़ गई है। परिवहन निगम के नेरवा बस अड्डे स्थित पेट्रोल पंप में बुधवार को डीजल खत्म हो गया। इसके चलते 19 रूटों पर बसों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही। डीजल की कमी के कारण बुधवार को आठ और गुरुवार को शिमला के चार रूटों समेत लोकल 15 रूटों पर नेरवा से बसें नहीं भेजी गईं। 19 रूटों पर बसें नहीं चलने के कारण शिमला और ग्रामीण क्षेत्रों को जाने वाले लोग बारिश के बीच टैक्सियों से भारी किराया चुक कर घर पहुंच रहे हैं। सिलौड़ी, कुटांगण, धार चांदना और तांदियो से शिमला जाने वाली बसों में डीजल न होने के कारण इन्हें शिमला नहीं भेजा गया।
कुछ लोग शिमला जाने के लिए लोकल बसों से गांव से नेरवा पहुंचे पर यहां से भी लोगों को बसों के न चलने के बाद शिमला के लिए टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा। कुछ लोग वापस अपने घरों को लौट गए। धार चांदना, थरोच, टिकरी, नावधार देइया, सिलौड़ी आदि ग्रामीण क्षेत्रों को बसें न चलने से नेरवा पहुंचे लोगों को घर वापस जाने के लिए टैक्सियों का जुगाड़ करना पड़ा। लोगों को घर पहुंचने के लिए बीस रुपये की जगह पचास रुपये तक किराया अदा करना पड़ा। बताया जा रहा है कि शिमला से डीजल लेकर नेरवा आ रहा परिवहन निगम का टैंकर वीरवार सुबह खिड़की के समीप बर्फ में फंस गया था। परिवहन निगम के बस अड्डा इंचार्ज नेरवा हीरा लाल ने बताया कि बुधवार को ही तेल की डिमांड भेज दी गई थी। डीजल लेकर आ रहा टैंकर खिड़की के समीप छारकी में हुई ताजा बर्फबारी के बीच फंस गया था। टैंकर को बर्फ से निकाल दिया गया है। इसके नेरवा पहुंचते ही बसों की आवाजाही को सामान्य कर दिया जाएगा।