बिजली खपत घटाने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने का लक्ष्य
अन्य सरकारी संस्थानों के लिए बनेगा प्रेरणा स्रोत
आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर हो रहा कार्य
पंचायत विकास योजनाओं में पारदर्शिता पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। विकास खंड कार्यालय नारकंडा जल्द सौर ऊर्जा से चमकेगा। बिजली खपत में कमी और सौर ऊर्जा के दोहन की दिशा में अनूठी पहल होगी। प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खंड विकास कार्यालय नारकंडा सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था अपनाने जा रहा है।
यह प्रदेश का पहला ऐसा कार्यालय होगा, जहां इस प्रकार की आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था होगी। इससे न केवल बिजली की खपत में कमी आएगी, बल्कि हरित ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। खंड विकास अधिकारी नारकंडा अरविंद गुलेरिया ने बताया कि कार्यालय परिसर में सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। यह परियोजना बिजली की बढ़ती खपत को नियंत्रित करने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पहल से अन्य सरकारी संस्थानों को भी प्रेरणा मिलेगी और भविष्य में अधिक से अधिक कार्यालय इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
गुलेरिया ने बताया कि खंड विकास कार्यालय नारकंडा को एक मॉडल कार्यालय के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत कार्यालय की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है, साथ ही पारदर्शिता और जनसुविधाओं में भी सुधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कार्यालय के सभी कर्मचारियों का सहयोग, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा आवश्यक है।
सरकार की ओर से पंचायतों के विकास के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई जा रही है, जिसका सही उपयोग सुनिश्चित करना अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी है, ताकि जनता का विश्वास बना रहे और योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचे।
नारकंडा स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग से कार्यालय तक जाने वाली सड़क को भी करीब 10 लाख रुपये की लागत से पक्का किया गया है, जिससे कर्मचारियों और आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।