- चालक को कड़ी मशक्कत के बाद निकाला, एनएचएआई ने दर्ज कराया केस
- पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची, ओवरलोड डंपर के कारण हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)।
जिला किन्नौर के उरनी में मंगलवार को सतलुज नदी पर 190 फीट लंबा बेली ब्रिज डंपर के साथ टूटकर गिर गया। इस पुल की क्षमता 28 मीट्रिक टन थी, जो छह टायरों वाले डंपर का भार नहीं सह पाया और धड़ाम से गिर गया। डंपर सीमेंट लेकर किन्नौर जा रहा था। डंपर गिरते ही चालक उसमें फंस गया। रेस्क्यू दल ने उसे काफी मशक्कत के बाद निकाला। उसकी हालत ठीक है। हालांकि, पुल के टूटने से यातायात पर कोई असर नहीं पड़ा है। प्रशासन के मुताबिक यह पुल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बनाया गया था। एनएचएआई का आरोप है कि पुल से गुजर रहे ओवरलोड डंपर के कारण यह हादसा पेश आया। एनएचएआई की ओर से चालक के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे जब रेत से लदा ओवरलोड डंपर पुल पार कर रहा था, तो अचानक पुल टूट गया। पुल क्षतिग्रस्त होने से जोर से आवाज हुई। पुल क्षतिग्रस्त होकर सतलुज नदी के किनारे जा गिरा। वर्ष 2016 में भूस्खलन प्रभावित उरनी ढांक में नेशनल हाईवे-पांच के विकल्प के तौर पर इस पुल का निर्माण किया गया था। सतलुज नदी पर बना यह बेली ब्रिज एनएच से सतलुज पार एक वैकल्पिक सड़क को जोड़ता है, जो यहां से आगे चोलिंग पुल के पास पहुंचती है। चोलिंग का पुल एनएच-पांच को जोड़ता है। हालांकि, बेली ब्रिज क्षतिग्रस्त होने से यातायात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। शिमला, रामपुर से रिकांगपिओ, काजा और सांगला वैली की ओर वाहनों की बराबर आवाजाही हो रही है। हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। वहीं, पुलिस और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी मौके का जायजा लेने पहुंचे। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद डंपर में फंसे चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। चालक को हल्की चोटें आई हैं। पुल टूटने से एनएचएआई को करोड़ों की क्षति पहुंची है।
कोट
सतलुज नदी पर बना 190 फीट लंबा बेली ब्रिज टूट गया है। पुल के दोनों ओर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने को लेकर चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। रेत से लदे ओवरलोड डंपर के कारण यह हादसा पेश आया है, जिसमें करोड़ों के नुकसान का अनुमान है।
- उमेश लारजू, सहायक अभियंता, एनएचएआई भावानगर
किन्नौर जिले के उरनी ढांक में क्षतिग्रस्त हुए एनएचएआई का बेली ब्रिज। संवाद
किन्नौर जिले के उरनी ढांक में क्षतिग्रस्त हुए एनएचएआई का बेली ब्रिज। संवाद