. यातायात बाधित होने से तीन पंचायतों के लोग परेशान
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. सेब सीजन शुरू, फसल को मंडी पहुंचाना बना चुनौती संवाद न्यूज एजेंसी निरमंड (कुल्लू)। निरमंड खंड की बागीपुल-जाओ-ठारला सड़क छह दिन से भारी भूस्खलन के कारण यातायात के लिए बंद पड़ी है। सड़क बंद होने से जुआगी, बागा सराहन और चायल पंचायतों के ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में सेब सीजन भी शुरू हो चुका है, लेकिन फसल को मंडियों तक पहुंचाना बागवानों के लिए चुनौती बना हुआ है। भारी भूस्खलन के कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह ठप है, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। इसके बंद होने से आम लोगों के साथ-साथ किसानों-बागवानों की दिक्कतें भी बढ़ गई हैं। वर्तमान में सेब सीजन भी शुरू हो चुका है। ऐसे में यदि सड़क को जल्द बहाल नहीं किया गया, तो क्षेत्र के बागवानों को अपनी सेब की फसल मंडियों तक पहुंचाने में मुश्किलें झेलनी पड़ेंगी। सड़क बंद रहने से परिवहन लागत बढ़ने के साथ फसल को समय पर बाजार तक पहुंचाने की भी चुनौती बढ़ सकती है। चंद्रेश, मदन, जगदीश चंद, पप्पू ठाकुर, निशा, ओम प्रकाश, ओपी ठाकुर, सुंदर, रामेश्वर सहित अन्य बागवानों ने लोक निर्माण विभाग निरमंड डिविजन से आग्रह है कि अब मौसम खुल गया है और सड़क को बहाल करने का काम तुरंत शुरू करें ताकि क्षेत्र की हजारों की आबादी को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के दौरान क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक मशीनरी और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में इसे जल्द से जल्द यातायात के लिए बहाल किया जा सके।
भारी भूस्खलन के कारण यहां पर सड़क बहाल करना मुश्किल है। जल्द ही योजनाबद्ध तरीके से जल्द सड़क को बहाल करने का विकल्प निकाला जाएगा। -आनंद कुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग निरमंड