गड्ढों में तब्दील हुई उरनी चोलिंग सड़क।
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सांगला (किन्नौर)। जिले के टापरी, चगांव, उरनी, यूला और मीरू को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क की हालत खस्ता बनी हुई है। लंबे समय से टापरी वाया उरनी चोलिंग संपर्क मार्ग गड्ढों में तबदील हो चुका है। करीब 20 किलोमीटर मार्ग पर खतरे के साये में हजारों ग्रामीण आवाजाही करने को मजबूर हैं। गौरतलब है कि बीते 10 साल से टापरी वाया उरनी चोलिंग संपर्क मार्ग की न प्रदेश सरकार और न ही लोक निर्माण विभाग सुध ले रहा है। करीब 20 किलोमीटर मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हुए हैं। सड़क पर सीजन के दौरान भारी भरकम ट्रकों सहित कई अन्य बड़े वाहनों की आवाजाही से जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे पड़े हुए हैं। ऐसे में मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा बना हुआ है। मार्ग से करीब चार पंचायतों के हजारों ग्रामीण लाभान्वित होते हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग दयनीय सड़क की दशा सुधारने में नाकाम साबित हो रहा है। वीर सिंह नेगी, सत्या देवी नेगी, अनिल नेगी, सुनील नेगी, दौलत नेगी, विजय नेगी, अश्वनदेव नेगी, गोकल सिंह नेगी, मेधूराम नेगी, बुधरत्न नेगी और सुरेश नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि टापरी से यूला मीरू तक सड़क की हालत खस्ता बनी हुई है, जिसका खामियाजा निचार खंड की चगांव, यूला, मीरू और उरनी पंचायतों की हजारों की आबादी को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से शीघ्र सड़क की दयनीय दशा सुधारने की मांग उठाई है।
इसके बारे में लोक निर्माण विभाग भावानगर राहुल सूद ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 12 करोड़ के बजट का प्रावधान है। टेंडर अवार्ड को स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द मार्ग की दशा सुधारी जाएगी।