रामपुर बुशहर। सेब सीजन को लेकर सरकार और प्रशासन भले ही अच्छे-खासे बंदोबस्त करने के दावे करते हों, लेकिन दलदल बनी सड़क से हजारों पेटी सेब मंडी तक पहुंचाना बागवानों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। बागवानों को अपनी फसल को लेकर चिंता सताने लगी है। पीएमजीएसवाई के तहत बनी सड़क की हालत सरकार और लोक निर्माण विभाग वर्षों से नहीं सुधार पाया है।
गौरतलब है कि चाटी-तुनन सड़क का उद्घाटन लोकसभा चुनाव से पहले सांसद रामस्वरूप शर्मा ने किया था। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई सड़क की मैटलिंग और टारिंग के लिए करीब 10 करोड़ की राशि प्रस्तावित है, लेकिन वर्षों बीतने के बावजूद सड़क की दशा में कोई सुधार नहीं हो पाया है। इसके चलते तुनन पंचायत के नौ गांवों के सैकड़ों बागवान परेशान हैं कि उनकी साल भर की मेहनत सेब की पैदावार में निकल गई, लेकिन अब सड़क की हालत उन्हें निराश कर रही है। क्षेत्र के गांव बील, बिश्लाई, गुंडी, दामण, कांडलू, डूंगा, तुनन, क्षैल और कटेर में हर वर्ष करीब 10 हजार सेब की पेटियों का उत्पादन होता है। यहां के बाशिंदे लंबे अरसे से सड़क की हालत सुधारने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार और लोक निर्माण विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे।
क्षेत्र के बागवान काकू ठाकुर, विक्रम ठाकुर, योगेश, श्यामलाल, यशपाल ठाकुर, प्रेमदास वर्मा, बलवीर ठाकुर, अश्वनी जोशी, विजय पाठक, लीला दत्त, अविनाश सिंह सहित अन्य बागवानों ने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से सेब सीजन को लेकर सड़क की हालत जल्द दुरुस्त करने की मांग की है। लोक निर्माण विभाग ब्रौ के एसडीओ उदय कौशल ने बताया कि विभाग सड़क को पक्का करने के लिए सामग्री जुटाई जा रही है। दस करोड़ की राशि से 17 किलोमीटर सड़क का शीघ्र कायाकल्प किया जाएगा। जल्द ग्रामीणों को पक्की सड़क का लाभ मिलेगा।