संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। हिमाचल प्रदेश भवन एवं निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड और जिला श्रम कल्याण विभाग किन्नौर के संयुक्त तत्वाधान में स्पीलो और नाको पंचायत में जागरुकता शिविर लगाया गया। शिविर में विभाग की ओर से चलाई गई जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। हिमाचल प्रदेश भवन एवं निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने शिविर की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में बोर्ड की ओर से अपने पंजीकृत कामगारों के जीवन स्तर को सरल और सुखमय बनाने के लिए विभिन्न सामाजिक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। बोर्ड अधिनियम-1996 के अनुसार वे सभी श्रमिक कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत हो सकते हैं, जो भवन, मार्गों, सड़क, सिंचाई, जल निकासी, तट बांध, बाढ़ नियंत्रण, टेलीफोन लाइनों, संचार माध्यमों और अन्य कार्य में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पंजीकरण के लिए भवन एवं अन्य निर्माण कार्य में कार्यरत श्रमिकों की आयु 18 से 60 वर्ष के मध्य होनी अनिवार्य है। पिछले 12 माह में न्यूनतम 90 दिन तक भवन एवं अन्य निर्माण कार्य में काम किया होना अनिवार्य है। पंजीकरण के लिए कामगार को संबंधित जिला श्रम अधिकारी के कार्यालय में आधार कार्ड, बैंक पास बुक की प्रति, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर की प्रति और दो पासपोर्ट फोटो श्रम कल्याण अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत करने होंगे।
उन्होंने बताया कि पंजीकरण श्रमिकों और उनके आश्रितों को गंभीर बीमारी पर चिकित्सा उपचार के लिए 50 हजार से 5 लाख तक का चिकित्सा सहायता व पंजीकृत सदस्य की मृत्यु होने पर नाम आश्रितों को 2 लाख से 4 लाख रुपये, उनके अंतिम संस्कार के लिए 20 हजार रुपये तक की सहायता राशि का प्रावधान है। पंजीकृत कामगारों के बेटी जन्म उपहार योजना के तहत पंजीकृत कामगार की दो बेटी के जन्म पर 51 हजार रुपये की सहायता राशि का भी प्रावधान है। उन्होंने ग्रामीणों और श्रमिकों की समस्याओं को भी सुना। जल्द निवारण करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर बीओडी निदेशक हिमाचल प्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम विक्रम शर्मा, जिला श्रम कल्याण अधिकारी सपन जसरोटिया, नरेश चौहान सहायक वित्तीय नियंत्रक, सहायक अभियंता बीआरओ राकेश, पदम चंद, विजय पॉल, ज्ञान चंद्र और एडवोकेट प्रताप नेगी सहित अन्य मौजूद रहे।
किन्नौर के दुर्गम क्षेत्र स्पीलो में मजदूरों को किया जागरूक। संवाद