तौलिए बनाने, गोबर की खाद डालने और स्प्रे का हो रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
भावनागर(किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में उत्पादित होने वाला सेब देश-विदेश में विख्यात है। यहां उगने वाले सेब का स्वाद, मिठास और गुुण प्रदेश के अन्य जिलों से कहीं बेहतर माना जाता है। इन दिनों जिले की भावा वैली में मौसम अनुकूल होते ही बागवान सेब बगीचों को संवारने में जुट गए हैं। इस वर्ष बर्फबारी देरी से हुई है, लेकिन सेब की फसल बेहतर मानी जा रही है।
जिले के अधिकांश क्षेत्रों में बागवान बगीचों में तौलिया, गोबर और खाद, पौधों में ग्राफ्टिंग, के साथ-साथ एचएमओ और टीएसओ की स्प्रे भी करने लगे हैं। यहां लोगों की आय का मुख्य साधन सेब उत्पादन है। बागवान अपने बगीचों में रोग मुक्त सेब की पैदावार हो, इसके लिए अभी से कड़ी मेहनत करने में डट गए हैं। इस वर्ष समय-समय पर हो रही बारिश के कारण बगीचों में नमी बरकरार है। जिले की भावावैली के कटगांव, यांगपा, शांगो, बेई, हुरी, होमते, निचार, सुंगरा, बरी, जानी, रामनी सहित अनेकों स्थानाें पर बागवान कार्यों में व्यस्त हैं। संवाद