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Rampur Bushahar News: सेब पर मौसम की मार, सूखने लगे पेड़, फल गिरने का बढ़ा खतरा

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रामपुर के कई क्षेत्रों में मात्र 30 से 35 फीसदी सेब की फसल का अनुमान
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हर वर्ष सूखा, ओलावृष्टि और आंधी बागवानों पर ढा रही कहर

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। मौसम की बेरुखी से करोड़ों के सेब कारोबार पर संकट खड़ा हो गया है। सूखे के कारण सेब के छोटे से लेकर बड़े पेड़ सूखने लगे हैं और फल गिरने का खतरा भी मंडरा रहा है। ऐसे में बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं।

सर्दियों में सूखे और फ्लावरिंग के दौरान मौसम अनुकूल न रहने के कारण इस वर्ष रामपुर उपमंडल के कई क्षेत्रों में मात्र 30 से 35 फीसदी फसल का अनुमान है। कई इलाकों में इससे भी कम फसल है। कई क्षेत्रों में 50 फीसदी फसल के उत्पादन का अनुमान है, लेकिन लंबे समय से चल रहे सूखे के कारण जहां पेड़ सूखने लगे हैं, वहीं अब सेब के फल गिरने का खतरा बढ़ गया है। यदि बारिश नहीं हुई तो सेब का न तो आकार बढ़ेगा और न ही अच्छा रंग आएगा, जिससे मंडियों में बागवानों को सेब के बेहतर दाम नहीं मिल पाएंगे। ऐसे में बागवानों पर मौसम की दोहरी मार पड़ रही है। सूखे के कारण जमीन से नमी गायब है। प्रगतिशील बागवान दुष्यंत मेहता, शिशुपाल, राज मेहता, शीशी नेगी, अमित, दुर्गा सिंह नेगी, इंद्रजीत सहित अन्य बागवानों ने बताया कि मौसम की बेरुखी के कारण बीते कई वर्षों से नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस वर्ष तो मौसम ने बागवानों पर कहर ढाया है। कभी सूखा, तो कभी अंधड़ और ओलावृष्टि ने बागवानों की कमर तोड़कर रख दी है। मौसम के बिगड़े मिजाज से सेब की फसल पर संकट खड़ा हो गया है। पेड़ सूखने लग गए हैं और फल गिरने का खतरा बढ़ गया है। पहले ही इस वर्ष बहुत कम मात्रा में सेब की फसल लगी है। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो सेब का न आकार बढ़ेगा और न ही अच्छा रंग आएगा। इसके कारण मंडियों में भी बेहतर दाम नहीं मिल पाएंगे और बागवानों को आर्थिक झटका लगेगा। बागवान बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
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बारिश न होने के कारण सब्जियों पर भी सूखे की मार पड़ रही है। टमाटर, भिंडी, शिमला मिर्च, बैंगन, फ्रासबीन सहित अन्य सब्जियां सूखने के कगार पर हैं। इसके कारण जहां किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है, वहीं ग्राहकों पर भी इसका असर पड़ेगा। कम उत्पादन होने के कारण आगामी दिनों में सब्जियों के दाम आसमान छू सकते हैं।
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