दलाश (कुल्लू) में एचपीएमसी द्वारा खरीदे गए सेब की बोरियां सड़क किनारे सड़ रही हैं। सड़कें बंद होने से सेब नहीं उठ पाए और इससे राहगीर परेशान हैं तथा सरकार को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
दलाश में सड़क किनारे सड़ रहा सेब, एपीएमसी को हो रहा नुकसान
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एपीएमसी का तर्क-सड़कें
बंद होने से हुई परेशानी, एक सप्ताह में उठेंगी बोरियां सड़ रहे सेब की बदबू से राहगीर हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी दलाश (कुल्लू)। उपमंडल आनी के दलाश क्षेत्र में खरीद केंद्रों के बाहर सड़क किनारे बोरियों में सेब सड़ रहा है। सेब की बोरियों के ढेर लगे हैं। इस सी ग्रेड सेब की खरीदारी एचपीएमसी ने बागवानों से की है, लेकिन अब तक नहीं उठाया है। वहीं, एचपीएमसी का तर्क है कि सड़कें बंद होने के कारण सेब को उठाया नहीं जा सका। अब सड़कें खुल गई हैं, तो एक सप्ताह में सेब को उठा लिया जाएगा। सड़क किनारे पड़ी सेब की बोरियों पर बंदर मुंंह मार रहे हैं। सड़ रहे सेब की बदबू से राहगीर भी परेशान हैं। क्षेत्र के लोगों ने एचपीएमसी से जल्द सेब को उठाने की मांग की है।
दलाश क्षेत्र की एचपीएससी ब्रांच ने बागवानों के सी ग्रेड सेब के लिए कलेक्शन सेंटर तो खोले, लेकिन इन दिनों सेब खरीद केंद्रों के बाहर सड़कों पर सेब की बोरियां पड़ी हैं। सड़क पर पड़ी बोरियां में रखा सेब सड़ रहा है, जिससे सरकार को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। सरकार सेब बागवानों से सी ग्रेड सेब को 12 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदता है और इसके लिए सरकार ने सेब बहुल क्षेत्र में जगह-जगह सेब खरीद केंद्र खोले हैं। दलाश सेब खरीद केंद्र में तीन पंचायतों दलाश, ब्यूंगल और डिंगीधार से सी ग्रेड सेब एकत्रित किया जाता है। इस साल सेंटर में करीब पांच हजार सेब की बोरियां आई हैं, जबकि सड़कों पर अभी भी करीब एक हजार बोरियां पड़ी हैं। दलाश पंचायत प्रधान सत्येंद्र शर्मा, उपप्रधान सोहनी राम राठी, बीडीसी अध्यक्षा आनी विजय कंवर सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और एचपीएमसी से मांग की है कि सड़क पर सड़ रहे सेब को जल्द उठाया जाए ताकि लोगों का यहां से चलना आसान हो और सरकार को भी घाटा न हो।
एक सप्ताह के भीतर सभी बोरियां उठा ली जाएंगी। इस साल बरसात के मौसम में दलाश-लूहरी सड़क बंद होने के कारण दिक्कत पेश आई है। - रोहित शर्मा, प्रबंधक, एचपीएमसी दलाश जोन