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Rampur Bushahar News: डंसा गांव के डाकघर को बस अड्डे पर स्थानांतरित करने पर भड़के ग्रामीण

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दो पंचायतों की पांच हजार आबादी एकमात्र डाकखाने पर आश्रित
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महिलाओं ने चेताया, विभाग फैसले पर पुनर्विचार नहीं करेगा तो होगा जन आंदोलन डंसा (रामपुर बुशहर)। रामपुर विकास खंड की दो पंचायतों की पांच हजार से भी अधिक आबादी बीते पांच दशक से एकमात्र डाकखाने पर आश्रित है लेकिन डाक विभाग की ओर से गांव से डाकघर को बस अड्डे पर स्थानांतरित कर दिया गया। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष है।
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रामपुर मुख्य डाकघर के अधीन संचालित डंसा गांव में करीब पांच दशक से भी अधिक समय से स्थापित डाकखाना गांव में ही एक निजी मकान मालिक के भवन में चलता आ रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग ने लिखित रूप में ग्रामीणों को तब तक कार्यालय न बदलने के प्रति आश्वस्त किया था, जब तक विभाग को सरकारी भवन उपलब्ध नहीं होता। अचानक कार्यालय को गांव से बाहर डंसा बस अड्डे में शिफ्ट करने पर महिलाओं ने आपत्ति जताई है। लालसा पंचायत के हजारों उपभोक्ता उक्त डाकखाने से सीधे तौर पर जुड़े हैं। महिलाओं ने लिखित रूप में डाक अधीक्षक रामपुर से गुहार लगाई है और पुनर्विचार करने की मांग की है। केंद्र सरकार की ओर से प्रायोजित डाकखाने के तहत हजारों लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ उठाते हैं। इसके अलावा बचत खाता, फिक्स जमा खाते, आरडीएस बीमा योजनाओं की सेवाएं मिलती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि डंसा पंचायत के अधिकांश गांव बस अड्डे से काफी दूरी पर हैं। ऐसे में डंसा गांव से डाकखाना स्थानांतरित करना तर्कसंगत नहीं है। ग्रामीणों ने विभाग को चेताया कि यदि विभाग ने फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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